यूपी में स्कूलों में AI का प्रयोग, तकनीकी प्रशिक्षण को किया अनिवार्य

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में अब 'चॉक और डस्टर' के साथ-साथ 'एआई और मशीन लर्निंग' का दौर शुरू होने वाला है। प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और प्रशासनिक अमले को भविष्य की तकनीक से लैस करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग ने मिशन कर्मयोगी (iGOT) पोर्टल पर उपलब्ध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) पाठ्यक्रमों को सभी शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कर दिया है। योगी सरकार ने बताया अपना लक्ष्य इस पहल का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में नवाचार लाना और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाना है। वर्तमान

Wrriten By :

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Published On :

जनवरी 8, 2026

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लखनऊ 

उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में अब 'चॉक और डस्टर' के साथ-साथ 'एआई और मशीन लर्निंग' का दौर शुरू होने वाला है। प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और प्रशासनिक अमले को भविष्य की तकनीक से लैस करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।

माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग ने मिशन कर्मयोगी (iGOT) पोर्टल पर उपलब्ध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) पाठ्यक्रमों को सभी शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कर दिया है।
योगी सरकार ने बताया अपना लक्ष्य

इस पहल का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में नवाचार लाना और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाना है। वर्तमान में पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के मामले में उत्तर प्रदेश देश में टॉप पर है, लेकिन कोर्स पूरा करने की रैंकिंग में प्रदेश चौथे स्थान पर है। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च तक यूपी को इस श्रेणी में भी नंबर वन बनाना है। इसके लिए विभाग ने स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की है।

प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मार्च तक इन कोर्सों में नामांकन कर उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करें। इसका मकसद शिक्षा और प्रशासनिक कार्यों में नवाचार, दक्षता और तकनीकी समझ को बढ़ाना है। विभाग ने एआई आधारित प्रमुख कोर्सों की सूची भी सभी संबंधित कार्यालयों को भेज दी है, ताकि प्रशिक्षण में कोई दिक्कत न हो।

पोर्टल पर पंजीकरण के मामले में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है, लेकिन कोर्स पूरा करने में प्रदेश चौथे स्थान पर है। अब सरकार का लक्ष्य इस श्रेणी में भी यूपी को नंबर वन बनाना है। इसके लिए सभी विभागों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे इसे प्राथमिकता में लें। साथ ही यह भी तय किया गया है कि पोर्टल पर उपलब्ध 57 सुझाए गए प्रशिक्षण कोर्सों में से हर कर्मचारी को हर महीने कम से कम एक कोर्स करना होगा। इस तरह 31 मार्च तक कुल 12 कोर्स पूरे करना अनिवार्य होगा।

 

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