West Bengal Election 2026: चुनाव आयोग का सख्त अल्टीमेटम, ईवीएम के बटन पर कुछ भी चिपकाया तो खैर नहीं, दर्ज होगा मुकदमा

चुनाव आयोग ने EVM सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए चेतावनी दी है कि वोटिंग मशीन के बटन पर इत्र, गोंद या किसी भी तरह का पदार्थ लगाना गंभीर चुनावी अपराध माना जाएगा।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 22, 2026

West Bengal Election 2026: चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के बटन पर किसी भी तरह का बाहरी पदार्थ जैसे गोंद, इत्र, टेप या अन्य रसायन लगाना गंभीर अपराध माना जाएगा। आयोग ने कहा है कि ऐसी हरकत को चुनाव प्रक्रिया में छेड़छाड़ के रूप में देखा जाएगा और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हाल के समय में यह दावा सामने आया था कि कुछ लोग मतदान के बाद यह जानने के लिए ईवीएम बटन पर इत्र या अन्य पदार्थ लगाते हैं कि उनका वोट किसके पक्ष में गया है। इसी तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मतदान अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

यह दिशा-निर्देश विशेष रूप से आगामी मतदान को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं, जो 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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मतदान अधिकारियों को सख्त निर्देश

West Bengal Election 2026
चुनाव आयोग का सख्त अल्टीमेटम

चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, सभी मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि ईवीएम की बैलेट यूनिट पूरी तरह साफ और स्पष्ट हो। किसी भी उम्मीदवार के बटन पर टेप, गोंद, रंग, स्याही या कोई अन्य पदार्थ नहीं लगा होना चाहिए।

यदि किसी मतदान केंद्र पर ऐसी कोई अनियमितता पाई जाती है, तो पीठासीन अधिकारी को तुरंत संबंधित सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को इसकी सूचना देनी होगी। आयोग ने यह भी कहा है कि ऐसी स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान (री-पोल) भी कराया जा सकता है।

ईवीएम से छेड़छाड़ को गंभीर अपराध माना जाएगा

चुनाव आयोग ने दोहराया है कि ईवीएम में किसी भी तरह का हस्तक्षेप या छेड़छाड़ चुनावी अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग का कहना है कि मतदान प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बंगाल और तमिलनाडु में प्रचार थमा

इसी बीच पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार समाप्त हो गया है। पहले चरण में 23 अप्रैल को राज्य की 152 सीटों पर मतदान होना है। इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं और लाखों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

वहीं तमिलनाडु में भी विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान समाप्त हो चुका है। अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, विपक्षी नेताओं और राज्य नेतृत्व ने रोड शो और जनसभाओं के जरिए मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश की।

निष्पक्ष चुनाव पर जोर

चुनाव आयोग का कहना है कि सभी राज्यों में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से ईवीएम सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलत गतिविधि से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित न हो।

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