West Bengal News: TMC नेता का ये हाल! गरीबों से ली ‘कट-मनी’, जनता ने घेरा तो पलंग के नीचे दुबके नेता जी!

अमित मालवीय का टीएमसी पर बड़ा हमला: बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) को आड़े हाथों लिया है।

West Bengal News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 4, 2026

West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद से हर रोज नए और हैरान करने वाले ड्रामे देखने को मिल रहे हैं। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं पर जनता का गुस्सा फूट रहा है। ताजा मामला कूचबिहार का है, जहां कथित तौर पर गरीबों से ‘कट-मनी’ वसूलने वाले एक टीएमसी नेता को उग्र भीड़ से बचने के लिए अपने ही घर में बेड के नीचे छिपना पड़ा। इस पूरे ड्रामे का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया है और देश भर में चर्चा का विषय बन चुका है।

बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए टीएमसी पर तीखा हमला बोला है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टीएमसी नेता शाहिदुल मिया बेड के नीचे दुबके हुए हैं और पुलिस उन्हें कड़ी मशक्कत के बाद वहां से बाहर निकाल रही है।

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सरकारी आवास योजना में लूट का आरोप

घटना कूचबिहार के माथाभंगा इलाके की है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि टीएमसी नेता शाहिदुल मिया सरकारी आवास योजनाओं (आवास प्लस) के गरीब लाभार्थियों से बकायदा कमीशन यानी ‘कट-मनी’ वसूल रहे थे। लोगों के मुताबिक, घर देने के बदले हर लाभार्थी से 5,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक की जबरन वसूली की जा रही थी।

जैसे ही राज्य में सत्ता बदली, लोगों का डर खत्म हो गया और उनका गुस्सा भड़क उठा। सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने टीएमसी नेता के घर को चारों तरफ से घेर लिया और नारेबाजी करने लगे। भीड़ का उग्र रूप देखकर और अपनी जान बचाने के लिए शाहिदुल मिया के पास कोई रास्ता नहीं बचा, तो उन्होंने भागने के बजाय अपने बेडरूम में लगे पलंग के नीचे छिपने की नाकाम कोशिश की। आखिरकार मौके पर पहुंची पुलिस ने भारी हंगामे के बीच नेता जी को बेड के नीचे से ढूंढ निकाला और गुस्साई भीड़ से बचाकर अपने साथ ले गई।

काकद्वीप से माथाभंगा तक एक ही कहानी

अमित मालवीय ने ममता बनर्जी की पार्टी को घेरते हुए लिखा कि बंगाल में भ्रष्टाचार का घोटाला अब ऐसे दृश्य दिखा रहा है जो किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं हैं। काकद्वीप से लेकर नामखाना और अब माथाभंगा तक, पूरे बंगाल में तृणमूल नेताओं की एक ही कहानी सामने आ रही है—कट-मनी, भयंकर भ्रष्टाचार और चौतरफा अफरा-तफरी।

जैसे-जैसे केंद्रीय और स्थानीय जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है और भ्रष्ट नेताओं की गिरफ्तारियां बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे गरीबों को लूटने वाले इन रसूखदारों के लिए अब छिपना नामुमकिन होता जा रहा है। बीजेपी का कहना है कि जिन्होंने कभी अपनी सत्ता के दम पर गरीबों का शोषण किया था, आज उनके दिन इतने बुरे आ गए हैं कि उन्हें छिपने के लिए बिस्तर के नीचे सहारा लेना पड़ रहा है।

चुनावी हार के बाद टीएमसी में राजनीतिक भूचाल

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक नब्ज पर दशकों तक मजबूत पकड़ रखने वाली और हर चुनौती के सामने डटकर खड़ी रहने वाली ममता बनर्जी के लिए यह समय किसी बड़े राजनीतिक भूचाल से कम नहीं है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

ठीक एक महीने पहले तक ममता बनर्जी बंगाल की निर्विवाद चेहरा थीं और उनके पास पूर्ण बहुमत की मजबूत विधायी शक्ति थी। लेकिन बीजेपी के हाथों मिली इस ऐतिहासिक और करारी चुनावी हार ने बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पूरे राजनीतिक परिदृश्य और रसूख को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। सत्ता हाथ से जाते ही अब जमीन पर टीएमसी नेताओं का विरोध शुरू हो गया है और उनके पुराने कारनामों का हिसाब जनता खुद सड़क पर उतरकर कर रही है।

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