CM Yogi Birthday: योगी आदित्यनाथ का 54वां जन्मदिन, 22 की उम्र में संन्यास से सीएम बनने तक का सफर

आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 54वां जन्मदिन है। अजय सिंह बिष्ट से 'बुलडोजर बाबा' बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक और संघर्षपूर्ण रहा है। गोरक्षपीठ के महंत से लेकर देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार होने तक, योगी जी ने हिंदुत्व और विकास के अपने एजेंडे से राजनीति की दिशा बदल दी है। पढ़िए उनकी पूरी कहानी।

CM Yogi Birthday

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 5, 2026

CM Yogi Birthday: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। गोरक्षपीठ के महंत से लेकर प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व तक का उनका सफर संघर्षों और संकल्पों से भरा रहा है। उन्होंने न केवल हिंदुत्व की पताका को बुलंद किया, बल्कि ‘बुलडोजर’ नीति के जरिए माफिया राज को जड़ से खत्म कर विकास की नई इबारत लिखी है।

अजय सिंह बिष्ट का संन्यास और योगी आदित्यनाथ का उदय

बताते चले कि जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में जन्मे अजय सिंह बिष्ट का जीवन 22 साल की उम्र में तब बदल गया, जब उन्होंने सांसारिक मोह-माया त्याग दी। 1994 में गोरखनाथ मंदिर के महंत अवेद्यनाथ से दीक्षा लेने के बाद वे योगी आदित्यनाथ बन गए। गणित में बीएससी करने वाले योगी ने अध्यात्म को अपना मार्ग चुना और गुरु की विरासत को संभालने के लिए गोरखपुर की धरती को अपनी कर्मभूमि बनाया।

26 साल की उम्र में रचा इतिहास

राजनीति के गलियारे में उन्होंने कदम रखते ही अपनी धमक दिखा दी थी। वर्ष 1998 में मात्र 26 साल की उम्र में वे लोकसभा के लिए चुने गए, जो उस समय एक रिकॉर्ड था। इसके बाद लगातार पांच बार सांसद बनकर उन्होंने पूर्वांचल में भाजपा को एक अभेद्य किला बना दिया। संसद से लेकर सड़क तक, आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी ताकतों के खिलाफ उनकी बेबाक आवाज ने उन्हें देश भर में एक ‘आक्रामक राष्ट्रवादी’ नेता के रूप में स्थापित किया।

हिंदू युवा वाहिनी से बुलडोजर तक की राजनीतिक यात्रा

योगी आदित्यनाथ का सफर विवादों और उपलब्धियों के बीच से होकर गुजरा है। ‘पचरुखिया कांड’ हो या दंगे, वे हर संकट में ढाल बनकर खड़े रहे। ‘हिंदू युवा वाहिनी’ के माध्यम से उन्होंने हिंदुत्व की धारा को गांव-गांव तक पहुंचाया। समय के साथ उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनी जो न तो किसी दबाव में झुकता है और न ही अपराधियों को बख्शता है। यही कारण है कि आज उन्हें पूरे देश में ‘बुलडोजर बाबा’ के नाम से जाना जाता है।

अनुशासित दिनचर्या और योगी से ‘राजयोगी’ बनने का रहस्य

उनकी सफलता का मूल मंत्र उनकी कठोर दिनचर्या है। भोर में तीन बजे उठकर योग, पूजा-पाठ, गो-सेवा और जनता दरबार—यह उनकी दिनचर्या का अभिन्न अंग है। 2017 में पहली बार और 2022 में दूसरी बार भारी बहुमत से सीएम बनने के बाद, उन्होंने साबित कर दिया है कि वे केवल एक संत नहीं, बल्कि एक कुशल प्रशासनिक रणनीतिकार भी हैं।

भविष्य की राजनीति के केंद्र में योगी का कुशल नेतृत्व

आज योगी आदित्यनाथ केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भाजपा के ‘स्टार प्रचारक’ के रूप में राष्ट्रीय राजनीति की धुरी बन चुके हैं। उनकी लोकप्रियता और विकास कार्यों ने उन्हें करोड़ों लोगों की उम्मीद बना दिया है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था में सुधार और जन-कल्याणकारी नीतियों के दम पर, समर्थकों का एक बड़ा वर्ग उन्हें देश के भविष्य के रूप में देखता है।