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Shankaracharya: माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की शोभायात्रा को प्रशासन ने रोक दिया और उन्हें नोटिस जारी किया। नोटिस में सुप्रीम कोर्ट की रोक का हवाला देते हुए उनके नाम के आगे ‘शंकराचार्य’ लिखने पर सवाल उठाया गया। इसके जवाब में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह नोटिस उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है और यदि इसे वापस नहीं लिया गया तो वे कानूनी कदम उठाएंगे। इस पूरे विवाद ने मीडिया और राजनीति में हलचल मचा दी है, वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस भी इस मुद्दे पर सक्रिय नजर आ रही हैं।











