Yuvraj Mehta Case: इंजीनियर युवराज की मौत के बाद पहली बड़ी गिरफ्तारी, सलाखों के पीछे पहुंचा बिल्डर

नोएडा के सेक्टर-150 में 30 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिरने से हुई इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने पहली बड़ी गिरफ्तारी की है। एमजेड विश्टाउन के मालिक अभय कुमार को नॉलेज पार्क पुलिस ने दबोच लिया है। क्या इस गिरफ्तारी से सिस्टम की कमियां दूर होंगी?

Yuvraj Mehta Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 20, 2026

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Yuvraj Mehta Case: नोएडा के सेक्टर 150 में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। यहां एक निर्माणाधीन इलाके में पानी से भरे गहरे गड्ढे में कार गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। यह हादसा न केवल प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है, बल्कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों की गंभीर कमी को भी उजागर करता है। घटना के बाद से स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

नामजद बिल्डर की गिरफ्तारी, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

इस मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र से नामजद बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अभय कुमार नॉलेज पार्क इलाके में स्थित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘एमजेड विश्टाउन’ का मालिक बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हादसे से जुड़े हालात में बिल्डर की भूमिका संदिग्ध थी, जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी की गई।

डेवलपर्स पर FIR, एसआईटी कर रही जांच

हादसे के बाद दो रियल एस्टेट डेवलपर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। मंगलवार को एसआईटी की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद परिस्थितियों का जायजा लिया। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि दुर्घटनास्थल पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग थी और न ही किसी तरह के चेतावनी संकेत लगाए गए थे, जिससे यह जानलेवा हादसा हुआ।

प्रशासनिक लापरवाही पर कार्रवाई, जूनियर इंजीनियर बर्खास्त

इस घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी ने भी आंतरिक जांच करते हुए एक जूनियर इंजीनियर को तत्काल नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा, सेक्टर 150 में ट्रैफिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अथॉरिटी ने साफ किया है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नोएडा अथॉरिटी के सीईओ पद से हटाए गए

इंजीनियर की मौत के बाद उठे सवालों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। आईएएस अधिकारी और नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम. को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई बचाव कार्यों में देरी और समुचित व्यवस्था न होने के आरोपों के चलते की गई है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि जिम्मेदारी तय कर आगे भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।

युवराज मेहता की दर्दनाक मौत और रेस्क्यू ऑपरेशन

पुलिस के अनुसार, युवराज मेहता गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे और काम के बाद घर लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही फायर डिपार्टमेंट, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया। कई घंटों की मशक्कत के बाद युवराज का शव गड्ढे से बरामद किया गया। यह हादसा प्रशासन, बिल्डर्स और सिस्टम की सामूहिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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