Zohran Mamdani U-Turn: नेतन्याहू की गिरफ्तारी पर बदला रुख, अमेरिकी सरकार का बताया अधिकार

जोहरान ममदानी ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गिरफ्तारी से जुड़े मुद्दे पर अपना रुख बदलते हुए अमेरिकी सरकार के अधिकार को महत्वपूर्ण बताया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आखिर ममदानी ने अपना रुख क्यों बदला और इसके क्या मायने हैं, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Zohran Mamdani U-Turn

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 22, 2026

Zohran Mamdani U-Turn: न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर चल रहे विवाद पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मंगलवार को स्पष्ट किया कि अगर नेतन्याहू न्यूयॉर्क आते हैं, तो शहर प्रशासन के पास उन्हें गिरफ्तार कराने का कोई स्वतंत्र कानूनी अधिकार नहीं है। ममदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर इस मामले की जानकारी दी।

कानूनी जांच के बाद सामने आई स्थिति

मेयर ममदानी ने बताया कि उनकी टीम ने इस बात की समीक्षा की थी कि क्या न्यूयॉर्क सिटी प्रशासन अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) की ओर से जारी गिरफ्तारी वारंट को लागू कर सकता है। कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद यह निष्कर्ष निकला कि शहर सरकार के पास ऐसा कदम उठाने की कोई स्वतंत्र शक्ति मौजूद नहीं है।उन्होंने कहा कि इस मामले में अधिकार केवल अमेरिकी संघीय सरकार के पास है। ममदानी ने केंद्र सरकार से अपील की कि अमेरिका को ICC की व्यवस्था में शामिल होने और नेतन्याहू के खिलाफ जारी वारंट को लागू करने पर विचार करना चाहिए।

चुनाव प्रचार के पुराने वादे से बदला ममदानी का रुख

जोहरान ममदानी का यह बयान उनके पुराने रुख से अलग माना जा रहा है। मेयर चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर नेतन्याहू न्यूयॉर्क आएंगे, तो उन्हें गिरफ्तार कराया जाएगा। हालांकि, अब कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद उन्होंने स्वीकार किया है कि शहर प्रशासन के पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है।ममदानी ने पहले द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया था कि उनकी कानूनी टीम इस बात की जांच कर रही है कि नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी प्रक्रिया किस तरह लागू की जा सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू की गिरफ्तारी से किया इनकार

इस विवाद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा कि नेतन्याहू को किसी भी स्थिति में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। ट्रंप के बयान के बाद यह मामला और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।माना जा रहा है कि नेतन्याहू इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क आ सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए यह विवाद फिर से चर्चा में आ गया है।

इजराइल ने ममदानी के बयान की आलोचना की

नेतन्याहू के कार्यालय ने ममदानी पर आरोप लगाया कि वह अपनी राजनीतिक कमियों से ध्यान हटाने के लिए इजराइली प्रधानमंत्री को निशाना बना रहे हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ममदानी की आलोचना की।डैनी डैनन ने कहा कि न्यूयॉर्क के मेयर को शहर के लोगों की सेवा करने के लिए चुना गया है, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए।

ICC ने 2024 में जारी किया था गिरफ्तारी वारंट

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने साल 2024 में प्रधानमंत्री नेतन्याहू और इजराइल के कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। यह वारंट युद्ध अपराधों के आरोपों से जुड़ा है, जो 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई को लेकर लगाए गए हैं।हालांकि, इजराइल ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि उसकी सैन्य कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई थी।

विशेषज्ञों ने बताया अमेरिकी कानून की स्थिति

CNN के वरिष्ठ कानूनी विश्लेषक एली होनिग ने बताया कि न्यूयॉर्क के मेयर के पास किसी विदेशी प्रधानमंत्री या राष्ट्राध्यक्ष को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने रोम संविधि (Rome Statute) को स्वीकार नहीं किया है, इसलिए ICC के आदेशों को लागू करना अमेरिकी सरकार की कानूनी जिम्मेदारी नहीं बनती।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विदेश नीति और दूसरे देशों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले केवल अमेरिकी संघीय सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन स्वतंत्र रूप से कार्रवाई नहीं कर सकता।

Read More :  Delhi Protest Update: 48 घंटे में 10 FIR दर्ज, RAF जवान हमले मामले में भी केस