Akhilesh Yadav: दिल्ली लाठीचार्ज पर लोकसभा में सरकार पर बरसे, पूछा- क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे?

दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर लोकसभा में जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिला। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई सवाल उठाए। उनके बयान के बाद सदन का माहौल गरमा गया। आखिर उन्होंने क्या कहा और सरकार की प्रतिक्रिया क्या रही, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Akhilesh Yadav

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 22, 2026

Akhilesh Yadav : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्र आंदोलन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को किसी राजनीतिक दल के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह देश के युवाओं और उनके भविष्य का सवाल है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई पर सरकार को जवाब देना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।

अखिलेश यादव ने छात्रों के समर्थन में रखी बात

मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि यह केवल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या भारतीय जनता पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश के छात्रों और युवाओं का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुने। उनके अनुसार, यदि युवाओं की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों की आवाज उठाने के लिए उनके साथ खड़ा है।

छात्राओं के साथ व्यवहार पर जताई चिंता

अखिलेश यादव ने प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और छात्राओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि युवा अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे हैं, तो उनके साथ कठोर कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की।

प्रधानमंत्री से जवाब देने की मांग

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विपक्षी धरने का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर वहां पहुंचा था। उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री को अपनी बात रखनी चाहिए। उनके अनुसार, संसद लोकतांत्रिक चर्चा का सबसे बड़ा मंच है और ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर संवाद आवश्यक है।

सरकार ने चर्चा के लिए जताई सहमति

दूसरी ओर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह NEET पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार पहले दिन से ही इस विषय पर बहस के पक्ष में रही है। उन्होंने बताया कि चर्चा संसद के नियमों के अनुसार कराई जाएगी और इसकी अवधि तथा प्रक्रिया सभी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ विचार-विमर्श के बाद तय होगी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस विषय पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हो।

नियमों के तहत होगी संसदीय बहस

किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा तय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार होती है। इसलिए यह आवश्यक है कि सभी राजनीतिक दल आपसी सहमति से चर्चा का प्रारूप तय करें। उन्होंने दोहराया कि सरकार इस विषय पर किसी भी प्रकार की बहस से पीछे नहीं हट रही है और वह संसद में सभी पक्षों की बात सुनने के लिए तैयार है।

संसद परिसर में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

इससे पहले अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के सांसदों और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ संसद परिसर के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। समाजवादी पार्टी ने कहा कि छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

छात्रों के मुद्दे पर राजनीति और बहस जारी

छात्र आंदोलन, परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था को लेकर संसद से लेकर सड़कों तक बहस तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहा है, वहीं सरकार संसद में चर्चा के माध्यम से इस विषय पर अपना पक्ष रखने की बात कह रही है। आने वाले दिनों में संसद के मानसून सत्र के दौरान यह मुद्दा प्रमुख राजनीतिक विषय बना रह सकता है और छात्रों से जुड़े सवालों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।