Women Reservation Bill : अखिलेश यादव ने शेयर किया सीएम योगी का पुराना वीडियो, महिला आरक्षण पर भाजपा को बुरी तरह घेरा

यूपी की राजनीति में एक बार फिर वीडियो वॉर शुरू हो गया है। अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ का एक दशक पुराना वीडियो साझा किया है, जिसमें वह महिला आरक्षण पर सवाल उठाते दिख रहे हैं। क्या इस वीडियो के जरिए अखिलेश ने भाजपा के 'नारी वंदन' दांव की हवा निकाल दी है?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 18, 2026

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Women Reservation Bill : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर नई बहस छेड़ दी है। इस वीडियो के जरिए अखिलेश ने यह दिखाने की कोशिश की है कि महिला आरक्षण बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर ही वैचारिक मतभेद रहे हैं। अखिलेश यादव ने इस वीडियो को हथियार बनाकर भाजपा की ‘नारी शक्ति’ संबंधी दावों पर सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक अवसरवाद करार दिया है।

योगी आदित्यनाथ का पुराना बयान: ’99 प्रतिशत सदस्य विरोध में’

साझा किए गए पुराने वीडियो में सीएम योगी महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी राय रखते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह कह रहे हैं कि इस बिल को सदन में पेश करने से पहले पार्टी के भीतर गहन चर्चा होनी चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने उस समय तर्क दिया था कि यदि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है, तो जनप्रतिनिधियों की बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया था कि विधेयक के मौजूदा स्वरूप के विरोध में लगभग 99 प्रतिशत सदस्य हैं। वीडियो में वह यह भी कहते दिख रहे हैं कि भाजपा को कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए इस ‘पाप’ का बोझ अपने सिर पर नहीं लेना चाहिए।

अखिलेश यादव का तीखा प्रहार: ‘बीजेपी की सोच पुरातनपंथी’

इस वीडियो को शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा की विचारधारा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि जो पार्टी महिलाओं को लेकर पुरातनपंथी सोच रखती है, वह उनकी सच्ची हिमायती कैसे हो सकती है। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग परिवार की संस्था को नकारते हैं, वे वास्तव में परिवार की धुरी यानी महिला को भी नकारने का काम करते हैं। अखिलेश ने भाजपा नेताओं की मानसिकता को दकियानूसी बताते हुए कहा कि ऐसे लोग कभी नहीं चाहते थे कि महिलाएं स्वतंत्र होकर अपने फैसले स्वयं लें।

नारी शक्ति और आजादी पर छिड़ा वैचारिक युद्ध

अखिलेश यादव ने अपने हमले को और धार देते हुए लिखा कि जिन लोगों ने वर्षों पहले यह तर्क दिया था कि “नारी अभी इतनी सक्षम नहीं हुई है कि उसे आजादी दी जाए”, वे आज महिला सशक्तिकरण की बात कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर दोहरी राजनीति का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा के कई नेता आज भी सार्वजनिक मंचों से यही संदेश देते हैं कि महिलाओं का कार्यक्षेत्र केवल घर और बच्चों तक ही सीमित रहना चाहिए। अखिलेश के अनुसार, ऐसी सोच रखने वाली पार्टी से आज की आधुनिक युवती और नारी को कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

‘बीजेपी जाए तो नारी खुलकर सांस ले पाए’

अपने संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने एक कड़ा नारा देते हुए कहा कि जब तक भाजपा सत्ता में है, महिलाओं को पूर्ण स्वतंत्रता मिलना मुश्किल है। उन्होंने लिखा, “बीजेपी जाए तो नारी खुलकर सांस ले पाए।” समाजवादी पार्टी इस वीडियो के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वर्तमान में जो ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाया गया है, वह भाजपा की मूल विचारधारा का हिस्सा नहीं बल्कि एक चुनावी रणनीति है। अखिलेश ने जनता के सामने यह सवाल रखा है कि जो दल कल तक इस बिल का विरोध कर रहा था, वह आज इसका श्रेय कैसे ले सकता है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल और भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार

अखिलेश यादव द्वारा शेयर किया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से सपा ने महिला मतदाताओं के बीच भाजपा की साख पर चोट करने की कोशिश की है। अभी तक इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री कार्यालय या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन यह साफ है कि आने वाले दिनों में महिला आरक्षण और भाजपा की पुरानी बनाम नई सोच को लेकर यूपी की सियासत में और भी गर्माहट देखने को मिलेगी।

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