Ammonia Gas Leakage : बिहार के छपरा जिले से एक बेहद गंभीर और डरावनी खबर सामने आई है। यहां के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हेमनगर इलाके में स्थित ‘रामा कोल्ड स्टोरेज’ में गुरुवार (4 जून 2026) की देर रात अचानक अमोनिया गैस का भीषण रिसाव (Gas Leak) शुरू हो गया। रात के समय जब लोग अपने घरों में सो रहे थे, तभी हवा में फैली इस जहरीली गैस के कारण कोल्ड स्टोरेज के आस-पास रहने वाले नागरिकों को अचानक सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ, आंखों में तेज जलन, लालिमा और दम घुटने जैसी गंभीर परेशानियां महसूस होने लगीं।
देखते ही देखते इस गैस रिसाव की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई, जिससे स्थानीय आबादी के बीच भारी हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। अपनी जान बचाने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। स्थिति की भयावहता को भांपते हुए स्थानीय जागरूक नागरिकों ने तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन और पुलिस को दी।
जहरीली गैस पर पाया गया काबू
घटना की जानकारी मिलते ही रीजनल फायर ऑफिसर सूरज कुमार अपनी पूरी टीम और दमकल की कई गाड़ियों के साथ बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने मीडिया को बताया कि जैसे ही उन्हें हेमनगर इलाके में किसी अज्ञात गैस के लीक होने का आपातकालीन संदेश मिला, फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत एक्टिव हो गई। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद तकनीकी जांच में पता चला कि यह रिसाव कोल्ड स्टोरेज के भीतर से होने वाली अमोनिया गैस का था।
दमकलकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और हवा में फैली अमोनिया गैस के असर को कम करने तथा उसे नीचे बिठाने के लिए पूरी ताकत से पानी की बौछारें मारना (Water Spraying) शुरू कर दिया। इस वैज्ञानिक तकनीक की मदद से जहरीली गैस हवा में ज्यादा दूर तक नहीं फैल सकी और स्थिति को काफी हद तक संभाल लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और गैस का रिसाव नाममात्र का रह गया है। मुख्य प्लांट के लीकेज को स्थायी रूप से ठीक करने के लिए विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम को बुलाया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया जायजा
अमोनिया गैस रिसाव की इस संवेदनशील घटना को गंभीरता से लेते हुए सारण के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) नितेश कुमार और रीजनल फायर ऑफिसर सूरज कुमार ने अपनी टीमों के साथ आधी रात को ही घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पूरे इमरजेंसी रिस्पॉन्स ऑपरेशन की खुद कमान संभाली। अधिकारियों की मौजूदगी में तकनीकी कर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए कोल्ड स्टोरेज के भीतर जाने वाली गैस की मुख्य सप्लाई पाइपलाइन (Main Supply Pipeline) के वाल्व को पूरी तरह से बंद करके सील कर दिया। इस त्वरित कदम की वजह से एक बहुत बड़ा और जानलेवा हादसा होने से टल गया। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे कोल्ड स्टोरेज परिसर को खाली कराकर अपने घेरे में ले लिया है ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोका जा सके।
पीड़ित नागरिकों के लिए एम्बुलेंस सेवा तैनात
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों की त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए हेमनगर और उसके आसपास के इलाकों में तुरंत कई एम्बुलेंस तैनात कर दी हैं। पैरामेडिकल स्टाफ और डॉक्टरों की टीम मौके पर मौजूद है, जो गैस के प्रभाव से परेशान लोगों की प्राथमिक जांच कर रही है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, गैस की चपेट में आने से अत्यधिक तबीयत बिगड़ने के कारण एक स्थानीय निवासी को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी सदर अस्पताल ले जाया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसकी स्थिति अब स्थिर बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर, कोल्ड स्टोरेज के भीतर गैस चैंबर और पाइपलाइन की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है ताकि लीकेज के बचे हुए मामूली हिस्से को भी पूरी तरह से प्लग किया जा सके।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भड़के एसडीएम
सारण के एसडीएम नितेश कुमार ने इस हादसे के बाद रामा कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने मौके पर मौजूद पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्पष्ट तौर पर कहा, “प्राथमिक जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि इस कोल्ड स्टोरेज प्लांट में गैस रिसाव जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा के कोई भी पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। यह प्रबंधन की एक बहुत बड़ी और आपराधिक लापरवाही है।” एसडीएम ने आगे कहा कि प्रशासन इस पूरे मामले की एक उच्च स्तरीय जांच कराएगा कि आखिर किस आधार पर और किन मानकों को पूरा न करने के बावजूद कृषि विभाग (Agriculture Department) द्वारा इस प्लांट को संचालन का एनओसी और व्यावसायिक लाइसेंस जारी किया गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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