अस्पताल पहुंचने से पहले प्रसव: खरगोन के सार्वजनिक शौचालय में गूंजी नवजात की किलकारी

खरगोन  भीकनगांव बस स्टैंड स्थित एक सार्वजनिक शौचालय में बुधवार सुबह एक गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला और नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। भीकनगांव के बीएमओ विजय वर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह सूचना मिली थी कि बस स्टैंड के सार्वजनिक शौचालय में एक महिला की डिलीवरी हो गई है। सूचना मिलते ही एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम को मौके पर भेजा गया। महिला की पहचान झिरनिया ब्लाक के तेड़ गांव निवासी अनीता के रूप में हुई है। यह उसकी

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जून 3, 2026

खरगोन

 भीकनगांव बस स्टैंड स्थित एक सार्वजनिक शौचालय में बुधवार सुबह एक गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला और नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

भीकनगांव के बीएमओ विजय वर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह सूचना मिली थी कि बस स्टैंड के सार्वजनिक शौचालय में एक महिला की डिलीवरी हो गई है।

सूचना मिलते ही एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम को मौके पर भेजा गया। महिला की पहचान झिरनिया ब्लाक के तेड़ गांव निवासी अनीता के रूप में हुई है। यह उसकी दूसरी डिलीवरी है।

वर्मा के अनुसार अनीता को उसके पति अमर सिंह ने मंगलवार को जिला अस्पताल खरगोन में भर्ती कराया था। बाद में वे किसी कारणवश घर लौटने लगे। इसी दौरान भीकनगांव पहुंचने पर महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसने बस स्टैंड के सार्वजनिक शौचालय में बच्चे को जन्म दे दिया।

उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची स्वास्थ्य टीम ने महिला और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया और एंबुलेंस से लगभग 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल खरगोन भेजा।

महिला ने 1.8 किलोग्राम वजन के बालक को जन्म दिया है। भीकनगांव के शासकीय अस्पताल में नर्सिंग आफिसर व मैटरनिटी इंचार्ज ज्योति पिंडरे ने बताया कि ब्लाॅक मेडिकल ऑफिसर के निर्देश पर स्वास्थ्य दल मौके पर पहुंचा और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल लाया गया।
सिर्फ रेफर किए जाने की बात कही

जिला स्वास्थ्य अधिकारी चंद्रजीत सांवले ने बताया कि गर्भवती महिला का गर्भकाल लगभग 32 सप्ताह का था और उसे मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था।

जांच के दौरान पीलिया और अन्य संभावित जटिलताओं को देखते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ शारदा कनास ने परिजनों को इंदौर रेफर किए जाने की संभावना के बारे में जानकारी दी थी।

हालांकि, रेफरल की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। सांवले ने बताया कि बुधवार सुबह महिला और उसके परिजन बिना अस्पताल को सूचित किए जिला अस्पताल से चले गए।
    आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल से एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें इंदौर भेजा जाता।
    उन्होंने कहा कि भीकनगांव से सूचना मिलते ही महिला और नवजात को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
    जहां महिला को हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) और नवजात को स्पेशल न्यूबार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती किया गया है। दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।