Haryana News: हरियाणा सरकार ने मत्स्य पालन इलाके से जुड़े किसानों और उद्यमियों को राहत देने के लिए एक जरूरी कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मत्स्य पालन विभाग की 11 सब्सिडी योजनाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के अंतर्गत शामिल कर दिया है। इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र लाभार्थियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। इससे सब्सिडी संबंधी फाइलों में होने वाली देरी कम होगी और आवेदकों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
निर्धारित समय में मिलेगा योजनाओं का लाभ
आपको बता दें कि, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब विभिन्न मत्स्य पालन योजनाओं के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी गई है। इससे विभागीय प्रक्रियाओं में जवाबदेही बढ़ेगी और लाभार्थियों को अपने आवेदन की स्थिति को लेकर अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।
कृषि एवं मत्स्य उपकरणों पर सब्सिडी के लिए 40 दिन की सीमा
सघन मत्स्य पालन विकास कार्यक्रम के तहत ऑटो, फोर-व्हीलर वाहन तथा मिनी ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे उपकरणों और वाहनों पर दी जाने वाली सब्सिडी के लिए 40 दिनों की अधिकतम समय-सीमा निर्धारित की गई है। अब पात्र आवेदकों को निर्धारित अवधि के भीतर वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार अधिक सुगमता से कर सकेंगे।
कई सुविधाओं को मिली समयबद्ध मंजूरी
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत संचालित विभिन्न परियोजनाओं के लिए भी समय-सीमा निर्धारित की गई है। इनमें जैनेटिक सुधार कार्यक्रम, न्यूक्लियस ब्रीडिंग सेंटर (एनबीसी) की स्थापना, नवाचार आधारित गतिविधियां, स्टार्टअप और इनक्यूबेटर परियोजनाएं तथा पायलट प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन सभी योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी अब अधिकतम 50 दिनों के भीतर स्वीकृत और वितरित की जाएगी।
इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम, अनुभव साझा करने की गतिविधियां तथा क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता भी 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीकों और नए व्यवसायिक अवसरों की जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
सीमा पार से संचालित था तस्करी नेटवर्क, अमृतसर में ड्रग्स-हथियार मॉड्यूल का भंडाफोड़
सजावटी और मनोरंजक मत्स्य पालन को मिलेगा प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने सजावटी मछली पालन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को भी समयबद्ध सेवा के दायरे में शामिल किया है। ताजे पानी की सजावटी मछलियों के प्रजनन एवं पालन हेतु एकीकृत ओर्नामैंटल फिश यूनिट की स्थापना, सजावटी मछली ब्रूड बैंक विकसित करने तथा मनोरंजक मत्स्य पालन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए मिलने वाली सब्सिडी अब 50 दिनों के भीतर जारी की जाएगी। इससे इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
विपणन और मूल्य संवर्धन परियोजनाओं
मत्स्य उत्पादों के विपणन और मूल्य संवर्धन को मजबूत करने के लिए चलाई जा रही योजनाओं को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। मछली और मत्स्य उत्पादों की ई-ट्रेडिंग एवं ई-मार्केटिंग के लिए ई-प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली सब्सिडी, कोल्ड स्टोरेज और आइस प्लांट के आधुनिकीकरण के लिए सहायता, मूल्य वर्धित मत्स्य उत्पाद इकाइयों की स्थापना तथा मत्स्य सेवा केंद्रों से जुड़ी विस्तार एवं सहायता सेवाओं पर मिलने वाली सब्सिडी अब 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी।
लाभार्थियों को मिलेगा सीधा और समयबद्ध लाभ
सरकार के इस फैसले से मत्स्य पालन क्षेत्र में कार्यरत किसानों, उद्यमियों और निवेशकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। निर्धारित समय-सीमा के कारण योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया तेज होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। इससे राज्य में मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने के साथ-साथ रोजगार और आय के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
रायगढ़ में देर रात बरसे बादल, तेज हवाओं और बारिश के साथ मौसम विभाग की चेतावनी










