Haryana News: हरियाणा में भ्रष्टाचार और घूसखोरी करने वाले सरकारी बाबुओं और अफसरों के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV & ACB) अब सूबे से भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने के लिए एक ऐसा ब्रह्मास्त्र लेकर आ रहा है, जिससे भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। अब जनता को घूसखोरों की शिकायत करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि महज ‘एक क्लिक’ पर रंगे हाथों रिश्वत मांगने वालों का खेल खत्म हो जाएगा। विजिलेंस ब्यूरो जल्द ही एक अत्याधुनिक और सुपर-फास्ट मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। इस ऐप की मदद से कोई भी आम नागरिक रिश्वतखोरों का वीडियो या फोटो खींचकर सीधे ब्यूरो के हेडक्वार्टर तक पहुंचा सकेगा, जिसके बाद सीधे एक्शन लिया जाएगा।
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पहचान रहेगी पूरी तरह सीक्रेट
पंचकूला स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के मुख्यालय में आयोजित एक हाई-लेवल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ए.एस. चावला ने इस नए डिजिटल हथियार की पूरी रूपरेखा देश और प्रदेश के सामने रखी।
इस जादुई ऐप के जरिए आम जनता भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे कैसे पहुंचाएगी, वो हम आपको आगे बताएंगे… लेकिन उससे पहले यह जान लीजिए कि आपकी सुरक्षा को लेकर ब्यूरो ने क्या बड़ा दावा किया है? ब्यूरो प्रमुख ए.एस. चावला ने साफ किया कि इस प्रस्तावित मोबाइल ऐप को आम जनता की सहूलियत के लिए बेहद सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस ऐप पर शिकायत करने वाले नागरिक की पहचान (Identity) को 100% गोपनीय यानी पूरी तरह सीक्रेट रखा जाएगा।
अगर आप डरते हैं कि अफसर को पता चल जाएगा, तो अब डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप बिना अपना नाम बताए भी भ्रष्टाचार का सबूत, वीडियो या फोटो ऐप पर अपलोड कर सकेंगे। ब्यूरो इन सूचनाओं का इंटरनल वेरिफिकेशन (सत्यापन) करेगा और मामला सही पाते ही तुरंत छापेमारी कर एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा, इस ऐप में टोल-फ्री हेल्पलाइन से डायरेक्ट कनेक्ट होने और जिलेवार तैनात एसीबी के बड़े अधिकारियों के नंबर और जानकारी देखने की सुविधा भी मिलेगी।
5 महीने में 67 ट्रैप ऑपरेशन
प्रेस वार्ता के दौरान ए.एस. चावला ने साल 2026 के शुरुआती पांच महीनों का जो रिपोर्ट कार्ड पेश किया, उसने यह साफ कर दिया कि ब्यूरो इस समय फुल एग्रेसिव मोड में काम कर रहा है।
विजिलेंस ब्यूरो ने जनवरी 2026 से लेकर मई 2026 तक के महज 5 महीनों के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ ताबड़तोड़ अभियान चलाते हुए कुल 83 बड़े आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। इनमें से सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा ‘ट्रैप ऑपरेशन्स’ का है। ब्यूरो ने 67 बार जाल बिछाकर (ट्रैप लगाकर) घूसखोरों को ऐन मौके पर नोटों की गड्डियों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सलाखों के पीछे पहुंचने वाले इन आरोपियों में 8 बड़े ‘ग्रुप-बी’ (क्लास-2) अधिकारी, 51 ‘ग्रुप-सी’ कर्मचारी और घूसखोरी की दलाली करने वाले 9 प्राइवेट यानी निजी व्यक्ति शामिल हैं। इतना ही नहीं, कोर्ट में मजबूत पैरवी के चलते इसी 5 महीने की अवधि के भीतर 18 अलग-अलग मामलों में 20 आरोपियों को अदालत से सख्त सजा भी दिलवाई जा चुकी है।
अब इस नए मोबाइल ऐप के आने के बाद हर नागरिक की जेब में ‘विजिलेंस का कैमरा’ होगा। जैसे ही कोई सरकारी मुलाजिम काम के बदले पैसों की डिमांड करे, तुरंत वीडियो बनाओ और ऐप पर ठोक दो!
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