INDIA Alliance Meeting: दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की अहम बैठक से पहले राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। इस बैठक को लेकर विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस गठबंधन पर तीखा बयान देते हुए इसके भविष्य और एकता पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि तथाकथित INDIA गठबंधन के भीतर गंभीर मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं, जो इसकी स्थिरता पर सवालिया निशान लगाते हैं।
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चिराग पासवान का कांग्रेस और सहयोगियों पर हमला
मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता की लालच में अपने पुराने सहयोगियों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में DMK जैसी पार्टियां भी कांग्रेस से दूरी बना सकती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई दल इस गठबंधन से असहज महसूस कर रहे हैं और केवल औपचारिक रूप से जुड़े हुए हैं। पासवान के अनुसार, INDIA गठबंधन वास्तव में एक ऐसा समझौता है, जो केवल एक-दूसरे की कमजोरियों को छिपाने के लिए बनाया गया है, और इसी कारण यह अब तक एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभर नहीं पाया है।
विपक्षी एकता पर कांग्रेस का पक्ष
दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी गई है। कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत मत नहीं है, बल्कि देश की मौजूदा परिस्थितियों का परिणाम है। उन्होंने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबावों का उल्लेख करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उनके अनुसार, पेपर लीक और NEET जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ियों ने युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है।
अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों के कारण विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं ताकि भाजपा के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा तैयार किया जा सके। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ दलों के बीच अभी मतभेद और पुरानी राजनीतिक दूरी मौजूद है, जो धीरे-धीरे कम हो सकती है।
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बीजेपी का विपक्षी गठबंधन पर पलटवार
भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी INDIA गठबंधन की बैठक पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि INDIA गठबंधन केवल नाम का गठबंधन है और यह पहले ही कमजोर हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद इस गठबंधन की वास्तविक एकता खत्म हो चुकी है। उनके अनुसार, इस गठबंधन के पास न तो स्पष्ट नेतृत्व है, न नीति और न ही कोई साझा दृष्टिकोण। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि विपक्षी दल केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की आलोचना के लिए एक साथ आते हैं, जबकि उनके पास कोई ठोस राजनीतिक एजेंडा नहीं है।
राजनीतिक समीकरणों पर नजर
INDIA गठबंधन की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी एकता और उसके भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अलग-अलग दलों के बयानों से यह साफ है कि गठबंधन के भीतर विचारों में मतभेद मौजूद हैं। हालांकि, विपक्षी दल इसे भाजपा के खिलाफ एक साझा मंच के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बैठक राजनीतिक एकता को मजबूत करती है या मतभेदों को और उजागर करती है।
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