Kanpur Lamborghini Case: 90 घंटे फरार, फिर पुलिस का शिकंजा! कानपुर लैंबोर्गिनी हादसे का आरोपी शिवम जेल भेजा गया

कानपुर के चर्चित लैंबोर्गिनी हादसे में 90 घंटे की फरारी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। तंबाकू कारोबारी के बेटे पर आरोप है कि उसने अपनी रफ़्तार पकड़ती 10 करोड़ की कार से 6 लोगों को घायल किया। सीसीटीवी फुटेज और सबूतों के आधार पर पुलिस अब उसे कोर्ट में पेश कर रही है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 12, 2026

Kanpur Lamborghini Case: कानपुर में रफ़्तार और रसूख के मेल ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 10 करोड़ की लग्जरी लैंबोर्गिनी कार से कई लोगों को रौंदने के आरोपी शिवम मिश्रा को पुलिस ने अंततः सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने पुष्टि की है कि आरोपी को ग्वालटोली पुलिस ने उसके आवास के पास से हिरासत में लिया और विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

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रफ़्तार के जुनून में 6 लोग हुए घायल

बताते चले कि, मुख्य घटनाक्रम और एक्सीडेंट का विवरण यह भीषण हादसा 8-9 फरवरी 2026 की दरमियानी रात को वीआईपी रोड के ग्वालटोली इलाके में हुआ था। चश्मदीदों के मुताबिक, एक तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी सड़क पर काल बनकर दौड़ी और राहगीरों व अन्य वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी। इस अनियंत्रित कार की चपेट में आने से कम से कम छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, लेकिन आरोपी चालक अपनी करोड़ों की गाड़ी छोड़कर फरार होने में सफल रहा।

रसूखदार आरोपी की 90 घंटे चली फरारी

आरोपी शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी और पुलिसिया दबिश हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी शिवम मिश्रा करीब 90 घंटों तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा। हालांकि, पुलिस की सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से उसे छह बंगलिया रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी कानपुर छोड़कर कहीं बाहर नहीं गया था, बल्कि अपने घर में ही पुलिस से बचकर छिपा हुआ था। ग्वालटोली थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे उसके घर के पास से दबोचा।

वीआईपी कल्चर को लगा तगड़ा झटका

वीडियो साक्ष्य और सोशल मीडिया का दबाव शुरुआत में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठे थे। आरोप था कि तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे को बचाने के लिए पुलिस ने कार को थाने में ढकवा दिया था और ‘अज्ञात’ के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लेकिन जैसे ही हादसे के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, पुलिस के पास पीछे हटने का रास्ता नहीं बचा। वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि शिवम मिश्रा ही कार चला रहा था, जिसके बाद पुलिस ने केस में उसका नाम शामिल किया।

कानून के सामने सब बराबर

कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक जवाबदेही मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने खुद इसकी कमान संभाली। उन्होंने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कितना भी अमीर या प्रभावशाली क्यों न हो। उन्होंने कहा कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है और कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए जाएंगे ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। अब यह मामला कानपुर में वीआईपी संस्कृति और रईसों की जवाबदेही पर एक बड़ी बहस बन गया है।

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