Bhagwant Mann News: पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति ने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। इस बदलाव पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुटकी लेते हुए केवल सिंह ढिल्लों को बधाई दी, लेकिन साथ ही तंज भी कसा। भगवंत मान ने कहा, “जो नेता बरनाला में 2017, 2019 और 2024 के चुनावों में कांग्रेस से पराजित हुए, उन्हें अध्यक्ष बनने की हार्दिक बधाई।” इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के प्रति सहानुभूति जताते हुए इसे अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं के लिए एक बड़ा ‘अपमान’ करार दिया।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी पर सवाल
बताते चले कि, सीएम भगवंत मान यहीं नहीं रुके, उन्होंने भाजपा के अन्य दिग्गज नेताओं का जिक्र करते हुए उन पर तंज कसा। मुख्यमंत्री ने कहा, “ईश्वर रवनीत बिट्टू, मनप्रीत बादल, फतेहजंग बाजवा, तरुण चुघ और अश्वनी शर्मा जैसे अनुभवी नेताओं को इस अपमान को सहने की शक्ति प्रदान करे।” मान के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी भाजपा के भीतर इस नई नियुक्ति के बाद की आंतरिक स्थिति को भुनाने की पूरी कोशिश कर रही है।
कौन हैं केवल सिंह ढिल्लों और क्या है उनका सफर?
बताते चले कि, केवल सिंह ढिल्लों का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। वे बरनाला से दो बार (2007 और 2012) कांग्रेस के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा का हाथ थाम लिया था। पार्टी में उन्हें पंजाब इकाई का उपाध्यक्ष बनाया गया था। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का बेहद करीबी माना जाता है। अपनी विकासवादी छवि के लिए पहचाने जाने वाले ढिल्लों ने हाल ही में बरनाला से उपचुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें जीत नहीं मिल सकी थी।
केवल सिंह ढिल्लों का पलटवार
प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालने के बाद केवल सिंह ढिल्लों ने पूरी तरह से आक्रामक रुख अपना लिया है। उन्होंने अपनी नियुक्ति के बाद दावा किया कि 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा शानदार प्रदर्शन करेगी और राज्य की सत्ता पर काबिज होगी। ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आप ने जो वादे पंजाब की जनता से किए थे, वे चार साल बाद भी अधूरे हैं। उन्होंने बंगाल की तर्ज पर पंजाब में भी भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प लिया।
पंजाब की राजनीति में भाजपा की नई रणनीतिक दिशा
केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति के साथ ही पंजाब भाजपा में एक नई रणनीतिक शुरुआत मानी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे राज्य के सभी समुदायों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ढिल्लों का नेतृत्व भाजपा को पंजाब में किस दिशा में ले जाता है, खासकर तब जब आप सरकार अपनी असफलताओं को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। आने वाले समय में ढिल्लों के लिए पार्टी के असंतुष्ट वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलना और विपक्षी दलों के हमलों का सामना करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।









