Lalit Modi: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने अपने ऊपर लगे ‘भगोड़ा’ होने के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। एक निजी समाचार एजेंसी को दिए गए साक्षात्कार में मोदी ने दावा किया कि उन्हें आज तक किसी भी अपराध का दोषी नहीं ठहराया गया है। उन्होंने कहा कि यदि वह सच में भाग रहे होते, तो भारत जैसी वैश्विक महाशक्ति की एजेंसियों के लिए उन्हें पकड़ना मुश्किल नहीं था। ललित मोदी ने इसे कानूनी सच्चाई के बजाय मीडिया द्वारा फैलाया गया सनसनीखेज प्रोपेगेंडा करार दिया है।
भारतीय तंत्र और मीडिया पर तंज
बताते चले कि, ललित मोदी ने भारतीय अधिकारियों और मीडिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे उनसे छिपकर नहीं रह रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जिस देश की सरकार के हाथ इतने लंबे हैं, वहां से किसी व्यक्ति का पूरी दुनिया घूमना और छिपना नामुमकिन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक आरोप अब तक साबित नहीं हो पाया है, और जो कुछ भी कहा जा रहा है वह पूरी तरह से निराधार है। मोदी के अनुसार, उन्हें किसी को भी अपना पक्ष साबित करने की कोई आवश्यकता नहीं महसूस होती।
कानूनी लड़ाइयों और लंबी न्यायिक प्रक्रिया पर निराशा
आपको बता दे कि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे ललित मोदी ने देश की सुस्त न्याय व्यवस्था पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि भारत में मामलों की सुनवाई में दशकों लग जाते हैं और न्याय मिलने में बहुत देरी होती है। ललित मोदी ने इसे अपने आप में एक ‘सजा’ बताया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन पर लगे आरोप सही हैं, तो एजेंसियों को अब तक अदालत में केस साबित कर देना चाहिए था, लेकिन 17 साल बीतने के बाद भी कोई ठोस कानूनी परिणाम सामने नहीं आया है।
भारत वापसी पर चुप्पी
जब ललित मोदी से भारत लौटने की योजना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अब उनकी प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं। कभी जो वापसी उनकी मुख्य इच्छा थी, वह अब अतीत की बात हो गई है। उन्होंने सवाल किया कि भारत वापस आकर वे करेंगे भी क्या? मोदी ने स्पष्ट किया कि उन्हें अब किसी को कुछ भी साबित करने की कोई इच्छा नहीं है। वे अपनी वर्तमान स्थिति से संतुष्ट हैं और उन्होंने वापस लौटने की अपनी पुरानी जिद को पूरी तरह से त्याग दिया है।
कानूनी एजेंसियों का घेरा बरकरार
ललित मोदी के दावों के विपरीत, भारतीय एजेंसियां अभी भी उन पर लगे वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनके IPL कार्यकाल के दौरान संदिग्ध फंड ट्रांसफर और FEMA उल्लंघन की जांच में जुटा है। वहीं, विदेश मंत्रालय (MEA) भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत उन्हें भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर लगातार काम कर रहा है। हालांकि, मोदी का यह बयान उनके और जांच एजेंसियों के बीच चल रहे लंबे कानूनी विवाद में एक नया मोड़ लेकर आया है।









