Manipur Earthquake: पूर्वोत्तर भारत के राज्य मणिपुर में आज मंगलवार की सुबह दहशत भरी रही। जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, तभी धरती के तेज झटकों ने सबको झकझोर कर रख दिया। भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लोग अपनी जान बचाने के लिए अफरा-तफरी में घरों से निकलकर खुली सड़कों की ओर भागने लगे। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी साझा की है।
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भूकंप का समय, केंद्र और तीव्रता

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की रिपोर्ट के मुताबिक, मणिपुर में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई। यह भूकंप आज यानी 21 अप्रैल की सुबह भारतीय समयानुसार 5:59:33 बजे आया।
भूकंप का केंद्र मणिपुर के कामजोंग इलाके में स्थित था। इसकी गहराई जमीन की सतह से 62 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई है। हालांकि यह एक मध्यम गहराई वाला भूकंप था, लेकिन 5.2 की तीव्रता के कारण इसके झटके काफी तेज महसूस किए गए। गनीमत यह रही कि अभी तक किसी भी जानमाल के बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है।
उत्तर भारत में भी रहा है भूकंप का साया
यह पहली बार नहीं है जब इस महीने धरती कांपी हो। इससे पहले अप्रैल की शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत (पंजाब और हरियाणा) में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। 3 अप्रैल की रात करीब 9:46 बजे आए उस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान था। उस दौरान आए झटकों से अफगानिस्तान में 8 लोगों की जान चली गई थी और इसके प्रभाव पाकिस्तान के इस्लामाबाद, पेशावर और स्वात जैसे इलाकों में भी देखे गए थे।
सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय
भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जिसकी भविष्यवाणी करना कठिन है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुरक्षा उपाय सुझाए हैं:
मजबूत सहारा लें: यदि झटके महसूस हों, तो किसी मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे छिप जाएं और अपने सिर को हाथों से ढक लें।
ऊंची इमारतों में सावधानी: यदि आप बहुमंजिला इमारत में हैं, तो झटके रुकने तक अंदर ही रहें। झटके थमने के बाद सीढ़ियों का उपयोग कर नीचे आएं।
लिफ्ट का प्रयोग न करें: भूकंप के दौरान बिजली कट सकती है, जिससे आप लिफ्ट में फंस सकते हैं। हमेशा सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें।
खुले स्थान पर जाएं: इमारत से बाहर निकलने के बाद बिजली के खंभों, पेड़ों, फ्लाईओवर और कांच वाली खिड़कियों से दूर किसी खुले मैदान में खड़े हों।
ड्राइविंग के दौरान: यदि आप गाड़ी चला रहे हैं, तो वाहन को किसी सुरक्षित और खुले स्थान पर रोक लें और झटके रुकने तक अंदर ही बैठे रहें।
भूकंप के दौरान क्या न करें?
जल्दबाजी से बचें: घबराकर भागने से चोट लगने का खतरा अधिक रहता है। शांत रहें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
कांच और खिड़कियों से दूर रहें: शीशे वाली खिड़कियां या दरवाजे टूटकर आपको गंभीर चोट पहुंचा सकते हैं, इसलिए इनसे दूर रहें।
बिजली के स्विच को न छुएं: भूकंप के तुरंत बाद बिजली के उपकरणों या स्विच बोर्ड के साथ छेड़छाड़ न करें, क्योंकि इससे शॉर्ट सर्किट या आग लगने का खतरा हो सकता है।
प्राकृतिक आपदाओं के समय हमेशा अपने पास एक ‘डिजास्टर रिलीफ किट’ तैयार रखनी चाहिए, जिसमें टॉर्च, प्राथमिक चिकित्सा का सामान और कुछ जरूरी खाद्य सामग्री हो। मणिपुर की इस घटना ने एक बार फिर हमें प्रकृति के प्रति सचेत रहने की चेतावनी दी है।









