Manipur Protest: ककचिंग के बाजार क्षेत्र में हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब बड़ी संख्या में लोग दो बच्चों की मौत के विरोध में सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र रूप लेने लगा, जिसके बाद सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच आमना-सामना हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके।
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घटना से नाराज लोगों में बढ़ता आक्रोश
बताते चलें कि, इस पूरे मामले की जड़ 7 अप्रैल को हुई एक दर्दनाक घटना है, जिसमें दो मासूम बच्चों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन दोषियों को पकड़ने में असफल रहा है। इसी कारण लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है और वे सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं।
कई इलाकों में निकाली गई विरोध रैलियां

घटना के विरोध में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रैलियां आयोजित की गईं। खासतौर पर इंफाल ईस्ट के कोईरेंगई और हट्टा गोलपाटी, ककचिंग जिला और इंफाल वेस्ट के मयाई लाम्बी जैसे इलाकों में रात के समय लोगों ने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। इन रैलियों में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
इस आंदोलन को कई प्रमुख संगठनों का समर्थन मिला है, जिनमें All Manipur United Clubs Organisation और Coordinating Committee on Manipur Integrity शामिल हैं। इन संगठनों ने पहाड़ी इलाकों में सक्रिय कुकी उग्रवादियों के खिलाफ सख्त और त्वरित सैन्य कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य और केंद्र सरकार को घाटी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने 2027 की जनगणना से पहले राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) लागू करने की भी मांग उठाई है, ताकि अवैध घुसपैठ पर रोक लगाई जा सके।
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बम हमले के बाद बढ़ा तनाव
विरोध प्रदर्शनों की मुख्य वजह बिष्णुपुर के त्रोंगलाओबी इलाके में हुआ बम हमला है, जिसमें दो बच्चों की जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया और घाटी के पांचों जिलों में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। लोग लगातार दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन सतर्क, सुरक्षा कड़ी
लगातार बढ़ते विरोध और तनाव को देखते हुए प्रशासन ने ककचिंग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।









