Modi government: बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों ने देश के बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई लकीर खींच दी है। सरकार ने पांच राज्यों को बड़ी सौगात देने के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। यह निर्णय न केवल आवागमन को सुगम बनाएंगे, बल्कि आर्थिक विकास की गति को भी नई ऊंचाई देंगे।
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प्रदूषण मुक्त परिवहन की पहल
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि कैबिनेट ने दिल्ली-NCR क्षेत्र के लिए 9,585 करोड़ रुपये की दो वर्षीय योजना को मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है। इस योजना के तहत, BS-IV या उससे पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों को लाया जाएगा। सरकार करीब 2.07 लाख वाहन मालिकों को ब्याज सब्सिडी, फ्यूल वाउचर, टैक्स में छूट और ऑटो कंपनियों के माध्यम से विशेष डिस्काउंट प्रदान करेगी, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी।
बिहार और मध्य प्रदेश में कनेक्टिविटी का विस्तार
बिहार के विकास को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने खगड़िया-पूर्णिया खंड के NH-31 और NH-231 को 143.5 किलोमीटर तक 4-लेन हाईवे में अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। 3,936 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह BOT मोड आधारित प्रोजेक्ट भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया जैसे जिलों में ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करेगा। वहीं, मध्य प्रदेश में NH-347B के हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी सेक्शन का 2-लेन में विस्तार और देशगांव-जुलवानिया खंड को 4-लेन में बदलने की मंजूरी दी गई है। यह कदम स्थानीय व्यापार और कृषि उत्पादों की आवाजाही को गति देगा।
ओडिशा और तेलंगाना
ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक 163 किलोमीटर लंबा नया कोस्टल हाईवे बनाया जाएगा, जिस पर 8,300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह हाईवे ‘पीएम गतिशक्ति’ योजना के अंतर्गत 9 आर्थिक और 5 लॉजिस्टिक नोड्स को आपस में जोड़ेगा, जिससे पोर्ट आधारित उद्योगों को वैश्विक कनेक्टिविटी मिलेगी और यात्रा समय में ढाई घंटे की बचत होगी। वहीं, तेलंगाना में NH-63 और NH-563 के 191 किलोमीटर लंबे हिस्सों को 4-लेन में विकसित करने के लिए 7,597 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे यात्रा समय में 45 से 90 मिनट तक की कमी आएगी।
विकास का नया रोडमैप
इन परियोजनाओं को मंजूरी देकर केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उसका ध्यान देश के हर कोने में समावेशी विकास पर है। जहां एक ओर दिल्ली-एनसीआर में पुरानी गाड़ियों को हटाकर पर्यावरण को स्वच्छ रखने की कोशिश है, वहीं दूसरी ओर राजमार्गों का विस्तार आर्थिक गतिविधियों को एक नई संजीवनी देगा। ये परियोजनाएं न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी, बल्कि आने वाले समय में देश की रसद (logistics) क्षमता में भी आमूलचूल परिवर्तन लाएंगी।
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