NEET Paper Leak Case: भारत में प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया विवाद राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET 2026) को लेकर खड़ा हुआ है, जिसने देश के लाखों छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब देश की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने देश के छात्रों और अभिभावकों से सीधे संवाद करते हुए एक भावुक और आक्रामक अपील की है कि अगर आज भी इस अव्यवस्था के खिलाफ जनता चुप रही, तो आने वाले सालों में यह समस्या और गंभीर हो जाएगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
अरविंद केजरीवाल का यह तीखा बयान ऐसे नाजुक समय पर सामने आया है, जब देश की लगभग सभी बड़ी परीक्षाओं की विश्वसनीयता दांव पर लगी है। हाल के दिनों में NEET के अलावा CBSE, CUET और SSC जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। इस प्रशासनिक नाकामी और छात्रों के साथ हुए खिलवाड़ के खिलाफ आज यानी 6 जून को देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा है। इस बड़े आंदोलन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं, और यह पूरा विरोध प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है।
पेपर लीक का अरबों-खरबों का काला कारोबार
आम आदमी पार्टी के संयोजक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश साझा कर इस पूरे खेल के पीछे के आर्थिक तंत्र को बेनकाब किया है। केजरीवाल ने वीडियो में सीधे तौर पर कहा कि पेपर लीक अब केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह देश में एक संगठित और बहुत बड़े मुनाफे वाले कारोबार में तब्दील हो चुका है।
“पेपर लीक आज की तारीख में अरबों-खरबों रुपये का एक अवैध धंधा बन चुका है। इस पूरे रैकेट के पीछे बेहद रसूखदार और प्रभावशाली लोग शामिल हैं, जिन्हें राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। जब तक देश की आम जनता और पीड़ित छात्र इन माफियाओं और सरकार पर चौतरफा दबाव नहीं बनाएंगे, तब तक यह काला कारोबार बंद नहीं होने वाला। अगर आज हम चुप रहे, तो अगले साल होने वाली परीक्षाओं में भी हमारे बच्चों को यही दुर्दशा देखने को मिलेगी।” – अरविंद केजरीवाल
छात्रों, युवाओं और अभिभावकों से एकजुट होने की पुकार
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश के छात्र समुदाय, नौजवानों और उनके माता-पिता से व्यक्तिगत और राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर एक मंच पर आने की पुरजोर वकालत की है। उनका स्पष्ट मानना है कि यह केवल किसी एक परीक्षा या कुछ हजार छात्रों का व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर पूरे भारत के भविष्य और उसकी साख से जुड़ा हुआ एक अत्यंत गंभीर राष्ट्रीय सवाल है।
उन्होंने देशवासियों को झकझोरते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब हम सबको मिलकर अपने बच्चों के उज्ज्वल कल के लिए, अपने परिवारों की सुरक्षा के लिए और इस महान देश की अखंडता के लिए एकजुट होना होगा। सभी नागरिकों को एक सुर में केंद्र सरकार से कहना होगा कि ‘अब बहुत हो चुका’। भारत का युवा और समाज इस तरह की घोर लापरवाही, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था को अब और कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।








