Pawan Singh: बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की खाली हो रही सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव को लेकर राज्य का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। इस चुनावी सरगर्मी के बीच शुक्रवार (5 जून, 2026) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने चार उम्मीदवारों की सूची जारी कर सबको चौंका दिया। इस लिस्ट में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला नाम भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के ‘पावरस्टार’ पवन सिंह (Pawan Singh) का रहा।
बीजेपी द्वारा एमएलसी कैंडिडेट घोषित किए जाने के ठीक अगले दिन, यानी शनिवार (6 जून, 2026) को पवन सिंह राजधानी पटना स्थित बीजेपी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वहां मौजूद पार्टी नेताओं और भारी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने फूलों का हार पहनाकर उनका भव्य और जोरदार स्वागत किया। इसके बाद मीडिया के कैमरों के सामने आते ही ‘पावरस्टार’ ने भावुक होते हुए बड़ा बयान दिया और कहा कि “पार्टी मेरी मां है।”
‘बीजेपी मेरी मां है, मैं आजीवन सच्चा सेवक रहूंगा’
पटना स्थित बीजेपी कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से शिष्टाचार मुलाकात और आशीर्वाद लेने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने पवन सिंह को घेरा, तो उन्होंने बेहद सधे हुए और गंभीर अंदाज में अपनी बात रखी। टिकट मिलने पर केंद्रीय और राजकीय नेतृत्व का आभार जताते हुए पवन सिंह ने कहा, “मैं सिर्फ यही कहूंगा कि पार्टी मेरी मां है।
बीजेपी परिवार का मैं एक सच्चा सेवक हूं और आजीवन इसका सच्चा सिपाही बनकर रहूंगा। शीर्ष नेतृत्व ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। अब सच्चे दिल और सच्चे मन से मेरा एकमात्र लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ जनता की सेवा करना है।” इसके साथ ही पवन सिंह ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता संजय सरावगी का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा, “संजय सरावगी जी को मेरा दिल से प्रणाम है और उन्हें दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद।”
बिहार के चुनावी समीकरणों में ‘पावरस्टार’ की एंट्री
बिहार में होने वाले इस विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से कयासबाजी का दौर चल रहा था, लेकिन ऐन वक्त पर पवन सिंह को उच्च सदन भेजने का फैसला लेकर बीजेपी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेल दिया है। बिहार विधान परिषद की 9 सीटों और 1 उपचुनाव वाली सीट के लिए सभी दलों में जोड़-तोड़ और गणित बिठाने का काम जारी है। इसी सिलसिले में बीजेपी ने शुक्रवार को अपने कोटे के 4 उम्मीदवारों की सूची फाइनल की थी, जिसमें पवन सिंह का नाम सबसे ऊपर रखा गया। शनिवार को पटना कार्यालय पहुंचे पवन सिंह के बॉडी लैंग्वेज और उनके बयानों ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी इस नई राजनीतिक पारी को लेकर बेहद गंभीर हैं और कला जगत की तरह राजनीति में भी लंबी रेस के लिए तैयार हैं।
पवन सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद जहां भोजपुरी पट्टी के युवाओं, उनके प्रशंसकों और स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं विपक्षी खेमे में भी अब नए जातीय और क्षेत्रीय चुनावी समीकरणों को लेकर हलचल तेज हो गई है। आगामी 11 जून को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख तय की गई है, जिससे पहले पवन सिंह बड़े नेताओं की मौजूदगी में अपना चुनावी पर्चा दाखिल करेंगे।










