President Droupadi Murmu News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर 19 से 21 मार्च तक आ रही हैं। इस दौरान उनका दौरा अयोध्या, मथुरा और वृंदावन के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक सीमित रहेगा। राष्ट्रपति का वृंदावन दौरा 19 मार्च को निर्धारित किया गया है। यह उनका वृंदावन का दूसरा दौरा होगा और ऐसा करने वाली वह तीसरी राष्ट्रपति हैं। इससे पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और रामनाथ कोविंद भी अपने कार्यकाल के दौरान दो-दो बार वृंदावन आ चुके हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के इस दौरे का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर दर्शन करना और स्थानीय संतों से मुलाकात करना है। वृंदावन के प्रमुख संत प्रेमानंदजी महाराज से भेंट भी दौरे के मुख्य कार्यक्रमों में शामिल है।
स्वागत और सुरक्षा तैयारियां पूरी
राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए वृंदावन में सुरक्षा और स्वागत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उनके दौरे के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से हर संभव इंतजाम किए गए हैं। वृंदावन में विशेष रूप से बंदरों से सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं। यह जानना आवश्यक है कि वृंदावन में बंदरों की गतिविधियां आम हैं, जो पर्यटकों के सामान जैसे चश्मा, पर्स या मोबाइल छिन सकते हैं। इसी कारण सुरक्षा टीम में 30 सदस्य तैनात किए गए हैं, जिनके पास गुलेल, लाठी-डंडा और लेजर लाइट जैसी व्यवस्थाएं होंगी।
सुरक्षा टीम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति की सहज और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। इसके अलावा उनके दौरे के दौरान शहर में भीड़ नियंत्रण और मार्गदर्शन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
राष्ट्रपति का पहला वृंदावन दौरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का पहला वृंदावन दौरा 25 सितंबर 2026 को हुआ था। इस दौरान उन्होंने वृंदावन के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया था और स्थानीय समाज से संवाद स्थापित किया था। अब 19 मार्च को उनका दूसरा दौरा होने जा रहा है, जो उनके धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के साथ जुड़ा हुआ है।
पूर्व राष्ट्रपति भी कर चुके हैं दो-दो बार वृंदावन का दौरा
राष्ट्रपति पद पर रहते हुए प्रणब मुखर्जी और रामनाथ कोविंद दोनों ने दो-दो बार वृंदावन का दौरा किया था। प्रणब मुखर्जी 16 नवंबर 2014 को चंद्रोदय मंदिर के भूमि पूजन और 18 नवंबर 2015 को चैतन्य महाप्रभु के आगमन उत्सव में शामिल हुए थे। वहीं रामनाथ कोविंद का पहला दौरा 28 नवंबर 2019 और दूसरा 27 जून 2022 को हुआ था।
इसके अलावा ज्ञानी जैल सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, आर वेंकटरामन, डॉ. शंकरदयाल शर्मा और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी अपने कार्यकाल के दौरान वृंदावन का दौरा कर चुके हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह दौरा न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके स्वागत और सुरक्षा के लिए किए गए कड़े इंतजाम यह सुनिश्चित करेंगे कि दौरा व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो। इस दौरे से वृंदावन में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए गर्व का अवसर पैदा होगा।
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