Rajpal Yadav Bail: चेक बाउंस केस में फंसे राजपाल यादव, 3 बजे तक बड़ा फैसला

Rajpal Yadav Bail: 9 करोड़ के चेक बाउंस केस में फंसे अभिनेता को दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 बजे तक 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने का अल्टीमेटम दिया, रकम जमा हुई तो मिल सकती है अंतरिम जमानत, नहीं तो बढ़ेंगी मुश्किलें, जानिए पूरा मामला

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

फ़रवरी 16, 2026

Rajpal Yadav Bail: चेक बाउंस मामले में फंसे बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की जमानत याचिका पर आज दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिनेता के वकील को निर्देश दिया कि यदि वे प्रतिवादी के नाम 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट आज दोपहर 3 बजे तक जमा कर देते हैं, तो अदालत अंतरिम जमानत पर रिहाई पर विचार करेगी। कोर्ट ने साफ कहा कि निर्धारित समय सीमा तक राशि जमा होने पर तत्काल राहत दी जा सकती है, अन्यथा मामले की अगली सुनवाई अगले दिन सुबह की जाएगी। इस टिप्पणी के बाद अभिनेता के लिए यह सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तय समय तक भुगतान की औपचारिकता पूरी होती है या नहीं।

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पिछली सुनवाई में कोर्ट की सख्त टिप्पणी

इससे पहले 12 फरवरी को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने अभिनेता के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई थी। अदालत ने कहा था कि राजपाल यादव इस समय जेल में इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने पहले दिए गए आश्वासनों के बावजूद भुगतान की शर्तें पूरी नहीं कीं। न्यायालय की बेंच ने टिप्पणी की थी कि कई बार भरोसा देने और अदालत में पेश होने के बावजूद उन्होंने वादे के अनुरूप रकम अदा नहीं की। उल्लेखनीय है कि अभिनेता ने अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए अस्थायी जमानत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उस समय राहत देने से इनकार कर दिया और सुनवाई टाल दी थी।

2010 से शुरू हुआ कानूनी विवाद

2010 से शुरू हुआ कानूनी विवाद
2010 से शुरू हुआ कानूनी विवाद

यह मामला वर्ष 2010 से जुड़ा है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशन में बनी फिल्म अता पता लापता के निर्माण के लिए दिल्ली स्थित कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। वर्ष 2012 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी, जिसके बाद आर्थिक संकट गहराता गया और ऋण वापसी में दिक्कतें आने लगीं।भुगतान में चूक के बाद मामला अदालत तक पहुंचा। अप्रैल 2018 में निचली अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। शिकायतकर्ता को दिए गए सात चेक बाउंस होने के बाद उन्हें छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई गई। बाद में 2019 में सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा।

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सजा निलंबन और बढ़ती देनदारी

जून 2024 में अदालत ने कुछ शर्तों के साथ उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था और बकाया राशि चुकाने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया था। इस दौरान कुल देनदारी बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि, समय-सीमा का पालन न करने और बार-बार प्रतिबद्धता पूरी न करने के कारण अदालत ने सख्ती बरती। अक्टूबर 2025 तक अभिनेता ने दो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए 75 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन अदालत का कहना था कि कुल बकाया का बड़ा हिस्सा अब भी शेष है।

अब क्या होगा आगे?

फिलहाल, मामला फिर से हाईकोर्ट के समक्ष है और दोपहर 3 बजे तक डिमांड ड्राफ्ट जमा करना अभिनेता के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। यदि भुगतान समय पर हो जाता है, तो उन्हें अस्थायी राहत मिल सकती है। अन्यथा कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह मामला लगातार अदालत की निगरानी में है और आने वाले फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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