Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार से कहा है कि वह सक्रिय रूप से इस संघर्ष को खत्म कराने के लिए पहल करे। थरूर ने जोर देकर कहा कि इस युद्ध से किसी पक्ष को लाभ नहीं हो रहा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
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संघर्ष किसी के भी हित में नहीं
आपको बता दें कि, बातचीत में कहा कि अमेरिकी और ईरानी दोनों पक्ष अब अपने प्राथमिक लक्ष्यों को हासिल कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “अब दोनों तरफ का संघर्ष केवल वैश्विक स्थिरता और आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए हानिकारक साबित हो रहा है। अमेरिकी अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर चुके हैं, और ईरानी अपनी सत्ता बनाए रखने में सफल हुए हैं। अब काफी हो चुका है।” उन्होंने चेतावनी दी कि इस अस्थिरता का सीधा प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। विशेष रूप से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। थरूर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर बाधा से वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो गया है।
भारत के लिए रणनीतिक महत्व
थरूर ने कहा कि यह संघर्ष भारत के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि देश की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने बताया कि ईरानी नेतृत्व ने भारत को आश्वस्त किया है कि भारतीय जहाजों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। वास्तव में, इस संघर्ष के बावजूद भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया। नंदा देवी ने 46,500 मीट्रिक टन एलपीजी गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पर पहुंचाई, जबकि शिवालिक ने 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी मुंद्रा और मंगलौर में उतारी।
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थरूर की मांग
शशि थरूर ने भारत सरकार से अपील की कि वह इस समय वैश्विक हितों और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सक्रिय पहल करे। उनका कहना था कि अब संघर्ष जारी रखना किसी के भी हित में नहीं है और इसे तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए। थरूर की अपील में यह भी शामिल था कि भारत को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए एक नेतृत्व भूमिका निभानी चाहिए।









