Surendranath College Controversy: कोलकाता के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार ‘सुरेंद्रनाथ कॉलेज’ इन दिनों अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के लिए नहीं, बल्कि एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाले खुलासे के कारण चर्चा में है। कॉलेज के छात्र संघ (Student Union) कार्यालय से मिली सामग्री ने पूरे राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। कॉलेज परिसर के भीतर से मिली करोड़ों की नकदी और आपत्तिजनक वस्तुओं ने शिक्षा के मंदिर को अय्याशी के अड्डे में तब्दील करने के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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क्या है पूरा मामला?
पिछले साल साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में हुई एक छात्रा के साथ गैंगरेप की दर्दनाक घटना के बाद, कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सभी कॉलेजों के स्टूडेंट विंग के कमरों को सील करने का निर्देश दिया था। इसी निर्देश के अनुपालन में जब सुरेंद्रनाथ कॉलेज के छात्र संघ कक्ष को लंबे समय बाद खोला गया, तो अंदर का नजारा देख अधिकारी सन्न रह गए। वहां से करीब एक करोड़ रुपये नकद बरामद हुए, जिनमें से अधिकांश नोटों में दीमक लग चुकी थी।
शिक्षा के मंदिर में ‘क्लब’ जैसी सुविधाएं
हैरानी की बात यह है कि कॉलेज के उस हिस्से में केवल दस्तावेज ही नहीं, बल्कि एक आलीशान ‘क्लब’ जैसी सुविधाएं मिलीं। जांच में वहां दो एसी बेडरूम, महंगे गद्दे, तकिए और अटैच्ड बाथरूम मिले। इतना ही नहीं, परिसर से शराब की बोतलें, गर्भनिरोधक (कंडोम) के पैकेट और एक रिवॉल्वर भी बरामद की गई। आरोप है कि इन कमरों का इस्तेमाल टीएमसी छात्र विंग के प्रभावशाली नेता देबाशीष बंद्योपाध्याय और उनके बेटे शिबाशीष द्वारा किया जाता था। सूत्रों के अनुसार, यहां कॉलेज के कर्मचारियों से मालिश तक करवाई जाती थी। हालांकि, देबाशीष बंद्योपाध्याय ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
ऑडिट और भ्रष्टाचार के संकेत
यह खुलासा तब हुआ जब सरकार ने कॉलेजों के स्टूडेंट विंग के फंड में हुए खर्चों की ऑडिट करने का आदेश दिया। ऑडिट के डर से जब कमरों की तलाशी ली गई, तो भ्रष्टाचार का यह काला सच सामने आया। बीजेपी विधायक सजल घोष ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया है कि यह नकदी कॉलेज में लंबे समय से चल रहे ‘एडमिशन रैकेट’ की कमाई है। उनका दावा है कि टीएमसी छात्र नेता (TMCP) प्रवेश के नाम पर लाखों रुपये की वसूली करते थे, और यह भ्रष्टाचार का पैसा ऊपर तक यानी कालीघाट (मुख्यमंत्री आवास) तक पहुंचता था।
राजनीतिक गलियारों में मची खलबली
इस घटना ने राज्य सरकार की साख पर गहरा सवालिया निशान लगा दिया है। बीजेपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की मांग की है। राज्य के एक प्रतिष्ठित कॉलेज के अंदर हथियारों और अवैध धन का मिलना सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। टीएमसी ने फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर आधिकारिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह के खुलासे न केवल छात्रों के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगाते हैं, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों की पवित्रता को भी तार-तार करते हैं।
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