India Slams Pakistan At UN : यूएन में भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह लताड़ा, कश्मीर पर दिखाई औकात

संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का पुराना राग अलाप रहे पाकिस्तान को भारतीय राजनयिक ने ऐसी खरी-खोटी सुनाई कि पूरा वैश्विक मंच दंग रह गया। भारत की इस अचानक और बेहद तीखी डिजिटल व रणनीतिक सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बौखलाए पाकिस्तान के पास कोई जवाब नहीं था, क्या है पूरी इनसाइड स्टोरी?

India Slams Pakistan At UN

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 6, 2026

India Slams Pakistan At UN :  संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान की विभाजनकारी राजनीति को करारा जवाब देते हुए उसकी वास्तविक स्थिति का अहसास कराया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र के दौरान, जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान द्वारा की गई बेवजह और अनर्गल टिप्पणियों पर भारत ने सख्त आपत्ति जताई है। भारतीय राजनयिकों ने इसे पूरी तरह से एक ‘झूठा नैरेटिव’ करार दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने वैश्विक मंच से पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी दी कि वह भारत के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण, झूठे और पक्षपातपूर्ण एजेंडे चलाना तुरंत बंद करे, क्योंकि ऐसी हरकतों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सुरक्षा परिषद में विवाद: जब पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर राग

यह पूरा विवाद तब खड़ा हुआ जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वार्षिक रिपोर्ट पर चर्चा चल रही थी। इस महत्वपूर्ण और गंभीर बहस के दौरान पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने अपनी पुरानी आदत के मुताबिक बिना किसी संदर्भ के जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। पाकिस्तान के इस गैरजरूरी और भड़काने वाले बयान पर भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और वैश्विक बिरादरी के सामने इस्लामाबाद की कलई खोलकर रख दी। भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए हमेशा इस प्रतिष्ठित मंच का सहारा लेता है।

आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं: जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग

भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने बेहद साफ और कड़े शब्दों में दोहराया कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े सभी मामले पूरी तरह से भारत के आंतरिक विषय हैं। उन्होंने वैश्विक मंच पर सीना तानकर कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न, अविभाज्य और अटूट हिस्सा है, और हमेशा रहेगा। इसके खिलाफ पाकिस्तान या किसी भी अन्य देश द्वारा किया जाने वाला कोई भी दावा पूरी तरह निराधार, मनगढ़ंत और ऐतिहासिक तथ्यों से परे है। भारत की संप्रभुता को चुनौती देने का अधिकार किसी को नहीं है।

जमीनी हकीकत और खोखली बयानबाजी: पाकिस्तान को आईना

पी. हरीश ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा कि इस्लामाबाद चाहे जितनी भी खोखली बयानबाजी कर ले या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झूठे दावे ठोक ले, वह जमीनी हकीकत को कभी नहीं बदल सकता। उन्होंने पाकिस्तान को उसकी जिम्मेदारियों का अहसास कराते हुए याद दिलाया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का अस्थायी सदस्य होने के नाते उस पर वैश्विक शांति बनाए रखने की एक बड़ी जिम्मेदारी है। लेकिन इसके विपरीत, पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और लगातार गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है।

वैश्विक मंच का दुरुपयोग: पाकिस्तान के संकीर्ण राजनीतिक हित

भारत ने इस बात पर गहरी चिंता और तीखी नाराजगी जताई कि पाकिस्तान वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए बने इस प्रतिष्ठित मंच का लगातार अपने फायदे के लिए दुरुपयोग कर रहा है। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान ने अपने संकीर्ण, विभाजनकारी और नकारात्मक राजनीतिक हितों को साधने के लिए संयुक्त राष्ट्र के इस गरिमामयी मंच की साख को ठेस पहुंचाई है। गौरतलब है कि सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान का दो साल का अस्थायी कार्यकाल इसी साल समाप्त हो रहा है, और अपनी विदाई से पहले भी वह अपनी आदतों से लाचार दिख रहा है।

गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनावी ढोंग: भारत का कड़ा विरोध

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को बेनकाब करने के साथ ही भारत ने एक और मोर्चे पर इस्लामाबाद की घेराबंदी की है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने गिलगित-बाल्टिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र में तथाकथित विधानसभा के लिए आगामी 7 जून को होने वाले आम चुनावों की योजना पर पाकिस्तान सरकार के समक्ष बेहद कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराया है। भारत ने दो टूक लहजे में साफ किया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का कानूनी हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध और जबरन कब्जा कर रखा है।

POK में मानवाधिकारों का हनन: चुनाव के पीछे का सच

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पाकिस्तान इस तरह के चुनावी ढोंग और राजनीतिक नौटंकी रचकर वहां की जमीनी समस्याओं और जनता के आक्रोश को दबा नहीं सकता। पाकिस्तान के कब्जे वाले इन इलाकों (POK) में मानवाधिकारों का गंभीर और लगातार उल्लंघन हो रहा है। वहां की जनता लंबे समय से राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और बुनियादी आजादी छीने जाने से त्रस्त है। भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान वहां जबरन चुनाव करवाकर अपने काले कारनामों और अत्याचारों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से छुपा नहीं सकता।

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