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UNSC: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान की खोली पोल, दुष्प्रचार पर लगाई फटकार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने पाकिस्तान के 'फिटना अल हिंदुस्तान' नैरेटिव को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी नाकामियों को छिपाने का जरिया बताया है।

UNSC

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 9, 2026

UNSC: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी बहस देखने को मिली। अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा के दौरान, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान द्वारा फैलाई जा रही दुष्प्रचार की रणनीति की कड़ी आलोचना की। भारत ने साफ कर दिया है कि पड़ोसी देश का ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ जैसे भ्रामक शब्दों का इस्तेमाल केवल अपनी नाकामियों को छिपाने की एक सोची-समझी साजिश है।

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‘फिटना अल हिंदुस्तान’: दुष्प्रचार का एक नया हथकंडा

पाकिस्तान ने हाल के दिनों में अपने देश के भीतर सक्रिय उग्रवादी समूहों को ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ (हिंदुस्तान की मुसीबत) कहना शुरू किया है। भारत ने इसे सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘सरकारी स्तर पर फैलाया गया दुष्प्रचार’ करार दिया। भारतीय प्रतिनिधि ने स्पष्ट कहा कि धार्मिक शब्दावली का उपयोग करके भारत के खिलाफ नफरत पैदा करना और अपने ही देश के उग्रवादी समूहों को भारत से जोड़ना, तथ्यों से परे एक भ्रामक नैरेटिव है।

भारत के अनुसार, यह शब्द पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान की उस ‘नफरत की फैक्ट्री’ का हिस्सा है, जिसका एकमात्र उद्देश्य अपने नागरिकों का ध्यान देश की वास्तविक आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं से हटाना है। भारत ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ स्थायी शत्रुता का माहौल बनाकर केवल अपने सत्ता और संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखना चाहता है।

अफगानिस्तान में हवाई हमलों और दोहरे मापदंडों पर हमला

बैठक के दौरान भारत ने अफगानिस्तान की धरती पर पाकिस्तान द्वारा किए गए सैन्य हवाई हमलों को लेकर भी तीखे सवाल उठाए। पर्वथानेनी हरीश ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या, उन्हें घायल करना और मासूम बच्चों को अनाथ बनाना किसी भी सूरत में ‘आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई’ नहीं हो सकता। ऐसे सैन्य हमलों को उचित ठहराना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।

भारत ने पाकिस्तान के दोहरे रवैये को उजागर करते हुए कहा कि एक ओर वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस्लामी एकजुटता और कानून की दुहाई देता है, वहीं दूसरी ओर रमजान जैसे पवित्र महीनों में पड़ोसी मुल्क में सैन्य कार्रवाई करता है। यह दोहरा मापदंड उसकी कथनी और करनी का अंतर साफ दर्शाता है।

दुनिया को गुमराह करना अब असंभव

भारत ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की अपनी विफलताओं के लिए पड़ोसी देशों को जिम्मेदार ठहराने की पुरानी आदत है। लेकिन अब दुनिया उसकी इन हरकतों को समझ चुकी है। भारत ने वैश्विक समुदाय को आगाह किया कि पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दुनिया को गुमराह करने की कोशिशें अब कामयाब नहीं होंगी।

पाकिस्तान द्वारा बलूचिस्तान में सक्रिय समूहों को भारत से जोड़ने के दावों को भारत ने आधारहीन करार दिया है, क्योंकि इन दावों को साबित करने के लिए इस्लामाबाद ने आज तक कोई भी सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया है। भारत का यह रुख स्पष्ट है कि वह पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे इस नफरत भरे नैरेटिव का हर मंच पर डटकर सामना करेगा और उसकी सच्चाई दुनिया के सामने लाता रहेगा।

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