UP News: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर ‘टोटी’ (टोंटी) शब्द गूंज उठा है, जिसने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में भारी भूचाल ला दिया है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर लखनऊ में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अचानक ‘टोंटी चोरी’ का जिक्र छेड़ दिया। सीएम योगी का यह बयान आते ही यूपी की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस तीखे तंज पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी बिना नाम लिए ऐसा करारा पलटवार किया है, जिसने सोशल मीडिया पर पूरी तरह आग लगा दी है। अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा कि यह सरकार की हार और असफलता की हताशा है।
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CM योगी का लखनऊ में बड़ा बयान
यह पूरा सियासी घमासान तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत कर रहे थे। पर्यावरण और मौसम चक्र पर बात करते-करते सीएम योगी ने अचानक जनभागीदारी और नागरिक कर्तव्यों का मुद्दा छेड़ दिया।
इस अचानक आए ‘टोंटी’ वाले बयान के पीछे की असली क्रोनोलॉजी क्या है, वो हम आपको आगे बताएंगे… लेकिन उससे पहले हम आपको ये बताते हैं कि आखिर सीएम योगी ने मंच से क्या कहा था? सीएम योगी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “हम देखते हैं कि हमने ‘हर घर नल योजना’ को आगे बढ़ाया, लेकिन पता लगा कि कोई टोंटी चोरी कर रहा है, तो कोई अन्य प्रकार से उसे नुकसान पहुंचा रहा है। हमारा यह दायित्व है कि अगर कोई व्यक्ति चोरी कर रहा है, टोंटी खोलकर जा रहा है, तो हम उसे टोकें।”
इसके साथ ही सीएम योगी ने पर्यावरण संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर मौसम चक्र बिगड़ेगा तो सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ेगी, जिससे खाद्यान्न का संकट खड़ा हो सकता है। लेकिन उनके भाषण का ‘टोंटी’ वाला हिस्सा देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और सीधे समाजवादी पार्टी के खेमे में जा लगा।
अखिलेश यादव का महा-पलटवार
सीएम योगी के इस तीखे तीर के बाद सपा चीफ अखिलेश यादव शांत बैठने वाले नहीं थे। उन्होंने तुरंत अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक बेहद आक्रामक और शायराना अंदाज में पोस्ट लिखकर पलटवार किया। हालांकि अखिलेश यादव ने अपने पूरे बयान में मुख्यमंत्री का नाम कहीं नहीं लिया, लेकिन उनका निशाना बिल्कुल साफ था।
अखिलेश यादव ने लिखा, “लत से गलत की ओर… वनस्पति विवेक छीन लेती है और निर्दोष लोगों की हत्याओं का खौफ रातों की नींद। नहीं तो पूरे होश में इतने ऊँचे पद पर बैठकर इतना निकृष्ट बयान कोई नहीं देता है।”
सपा सुप्रीमो ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आगे लिखा, “कुछ लोग अपनी असफलता के लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं, ये हार की हताशा बोल रही है क्योंकि कुदरत का बुलडोजर अब घूम गया है।” अखिलेश यादव का यह ‘बुलडोजर’ वाला तंज सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार की सबसे बड़ी पहचान माने जाने वाले बुलडोजर एक्शन पर था, जिसे उन्होंने अब कुदरत के न्याय से जोड़ दिया है।
सियासत का पुराना ‘टोंटी कांड’ फिर हुआ जिंदा
यूपी की राजनीति को करीब से जानने वाले समझते हैं कि ‘टोंटी’ शब्द का इस्तेमाल यहां कोई सामान्य बात नहीं है। साल 2018 में जब अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अपना सरकारी बंगला खाली किया था, तब उन पर बंगले से टोंटी और कीमती सामान ले जाने के आरोप लगे थे। तब से लेकर आज तक बीजेपी और सपा के बीच यह मुद्दा रह-रहकर उछाला जाता रहा है।
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