US Iran War 2026 : खाड़ी में महायुद्ध की आहट, अमेरिका ने गिराए ईरानी ड्रोन, ईरान का मिसाइल हमला

खाड़ी देशों में आधी रात को अचानक गूंजे हवाई हमले के सायरन और दनादन दागी गईं मिसाइलें! अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास चार ईरानी आत्मघाती ड्रोन मार गिराने के बाद, बौखलाए ईरान ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। क्या यह तनाव तीसरे विश्वयुद्ध की शुरुआत है?

US Iran War 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 6, 2026

मध्य पूर्व (खाड़ी क्षेत्र) में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पुराना तनाव अब सीधे सैन्य टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान ने सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) की तरफ चार आत्मघाती हमलावर ड्रोन भेजे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने त्वरित कार्रवाई की और रास्ते में ही इन चारों ड्रोनों को हवा में मटियामेट कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये ईरानी ड्रोन अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में समुद्री जहाजों की आवाजाही के लिए एक बड़ा और तत्काल खतरा बन चुके थे।

अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार ठिकानों को किया तबाह

सुरक्षा बलों के मुताबिक, इन ड्रोनों से समुद्री यातायात और वाणिज्यिक जहाजों को सीधा नुकसान पहुंच सकता था, इसलिए आत्मरक्षा में उन्हें मार गिराना बेहद जरूरी था। ड्रोन को नष्ट करने के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई की। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के गोरुक (Goruk) और केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर स्थित तटीय निगरानी रडार केंद्रों (Coastal Surveillance Radar Centers) पर बमबारी कर उन्हें नष्ट कर दिया। अमेरिका का मानना है कि इन रडार केंद्रों का इस्तेमाल अमेरिकी जहाजों की जासूसी और ड्रोनों को रास्ता दिखाने के लिए किया जा रहा था।

भड़के ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं दर्जनों मिसाइलें

अमेरिका की इस आक्रामक सैन्य कार्रवाई से भड़के ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ईरान ने कुवैत और बहरीन के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुवैत और बहरीन की धरती पर अब तक एक दर्जन से अधिक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें आकर गिरी हैं। इस अचानक हुए हमले से खाड़ी देशों में हड़कंप मच गया है। कुवैत और बहरीन की सेनाओं ने देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और अपने नागरिकों को घरों के अंदर रहने तथा अत्यधिक सावधानी बरतने की सख्त सलाह दी है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जारी किया आधिकारिक बयान

इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सैन्य बलों ने खाड़ी में तैनात अपने जहाजों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए चार ईरानी ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ (आत्मघाती ड्रोन) को मार गिराया। इसके साथ ही, भविष्य में ईरान की तरफ से होने वाले किसी भी हवाई या समुद्री हमले को रोकने के लिए उसके रडार ठिकानों को पहले ही निष्क्रिय कर दिया गया है। अमेरिकी सेना ने चेतावनी दी है कि वह ईरान की हरकतों पर पूरी तरह नजर रखे हुए है और किसी भी आक्रामक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए मुस्तैद है।

ईरान ने मानी चेतावनी फायरिंग की बात, खाड़ी में हालात नाजुक

दूसरी ओर, ईरानी मीडिया ने भी होर्मुज स्ट्रेट के पास अपनी भारी सैन्य गतिविधियों और तनाव की पुष्टि की है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘मेहर’ के मुताबिक, शनिवार को ईरानी नौसेना ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के पास समुद्र में कई राउंड चेतावनी फायर (Warning Shots) किए। ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों की बढ़ती दखलअंदाजी और उनकी नई तैनाती के जवाब में की गई है। इस ताजा टकराव ने यह साफ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के दावों के बावजूद जमीन पर हालात बेहद संवेदनशील हैं, जो कभी भी भीषण युद्ध का रूप ले सकते हैं।

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