Women Reservation Bill: मोदी सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। संसद में इस बिल पर चर्चा से पहले ही नेताओं के तीखे बयान सामने आने लगे हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जो भी इस बिल का समर्थन नहीं करेगा, उसे जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा।
Women Reservation Bill: महिला आरक्षण विधेयक पर विवाद तेज, अखिलेश यादव का तीखा बयान
गिरिराज सिंह का विवादित बयान
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने महिला आरक्षण बिल को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह लंबे समय से प्रतीक्षित फैसला है और अब महिलाओं के धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जो लोग इस बिल का समर्थन नहीं करेंगे, उन्हें समाज में विरोध का सामना करना पड़ सकता है। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
भेदभाव के आरोपों पर सरकार का जवाब
कुछ विपक्षी दलों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि महिला आरक्षण बिल में दक्षिण भारत के साथ भेदभाव हो सकता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि इस तरह की आशंकाएं पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में जब बिल पेश होगा, तब सभी संशय दूर हो जाएंगे और किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
33 प्रतिशत महिला आरक्षण का प्रावधान
इस विधेयक के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी और वे अधिक मजबूती के साथ चुनावी राजनीति में अपनी भूमिका निभा सकेंगी।
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संसद में विशेष सत्र और बहस
सरकार ने इस विधेयक को पेश करने के लिए 16 अप्रैल से तीन दिवसीय विशेष संसद सत्र बुलाया है। इस दौरान महिला आरक्षण बिल पर व्यापक चर्चा और बहस होने की संभावना है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर परिसीमन को जोड़ने पर आपत्ति जताई है, जिससे संसद में तीखी बहस के आसार हैं।
विपक्ष का रुख और सपा का यू-टर्न
पहले महिला आरक्षण बिल का समर्थन करने वाली समाजवादी पार्टी ने अब अपना रुख बदल लिया है। पार्टी ने इसे लेकर विरोध करने का ऐलान किया है। सपा सांसद रामगोपाल यादव ने आरोप लगाया कि इस बिल के साथ राजनीतिक मंशा जुड़ी हुई है, जिसके चलते पार्टी अब इसका विरोध करेगी।









