Faridabad News: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) को जोड़ने वाले फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। फरीदाबाद के पनहेड़ा खुर्द गांव के समीप एलिवेटेड मार्ग का गार्डर उठाते समय एक विशालकाय क्रेन अचानक असंतुलित होकर पलट गई। इस हादसे में निर्माण कार्य में लगे कई मजदूर क्रेन की चपेट में आ गए। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, एक श्रमिक की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि अन्य के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
दलदली जमीन ने बढ़ाई मुश्किलें
प्रत्यक्षदर्शियों और कार्यस्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, गुरुवार शाम को हुई मूसलाधार बारिश हादसे की मुख्य वजह बनी। बारिश के कारण निर्माण स्थल की जमीन नरम और दलदली हो गई थी। बारिश थमने के तुरंत बाद मजदूर अपना काम पूरा करने के लिए मौके पर पहुंचे और गार्डर उठाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान, नरम मिट्टी के कारण भारी-भरकम क्रेन अपना संतुलन खो बैठी और सीधे काम कर रहे मजदूरों के ऊपर गिर गई। इस अचानक हुए हादसे ने वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
युद्धस्तर पर बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, एनएचएआई (NHAI) के अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। क्रेन का वजन इतना अधिक है कि उसे हटाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बचाव दल ने घटनास्थल पर तीन अतिरिक्त क्रेनें तैनात की हैं ताकि दुर्घटनाग्रस्त क्रेन को उठाया जा सके। जिस हिस्से में श्रमिक दबे हुए हैं, उसे सावधानीपूर्वक गैस कटर की मदद से काटा जा रहा है।
बचाव दल ने अब तक मलबे से दो श्रमिकों को बाहर निकाला है, जिनमें से एक की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। बाकी फंसे हुए मजदूरों की तलाश अभी भी जारी है। प्रशासन का कहना है कि बचाव कार्य पूर्ण होने तक सटीक हताहतों की संख्या बता पाना मुश्किल है।
निर्माण कार्य पर रोक और जांच के आदेश
इस भयावह हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है और निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है कि क्या सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) में कोई लापरवाही बरती गई थी। क्या भारी बारिश के दौरान क्रेन का परिचालन सुरक्षित था? इस सवाल का जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगा। फिलहाल, जिला प्रशासन और निर्माण कंपनी के अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
यह हादसा निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा उपायों पर बड़े सवाल खड़े करता है, विशेष रूप से बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में जहां मानवीय जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। घायलों के बेहतर उपचार और मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे की मांग स्थानीय लोग जोर-शोर से उठा रहे हैं।










