Karachi Fire: कराची के गुल प्लाजा मॉल में आग से मचा हडकंप, 14 ने गंवाई जान, कई घायल

कराची के गुल प्लाजा मॉल में 17 जनवरी की रात भीषण आग लगी। 1,200 दुकानों वाले इस मॉल में लगी आग पर दमकलकर्मियों ने पूरी रात काबू पाया और 19 जनवरी की सुबह तक बचाव व मलबा हटाने का काम जारी रहा।

कराची के गुल प्लाजा मॉल में आग से मचा हडकंप

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जनवरी 19, 2026

Karachi Fire: कराची के ऐतिहासिक गुल प्लाजा शॉपिंग सेंटर में 17 जनवरी की देर रात भीषण आग लग गई। यह मॉल फुटबॉल मैदान से भी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें लगभग 1,200 दुकानें मौजूद थीं। आग इतनी तेज थी कि इमारत से ऊंची-ऊंची लपटें उठती देखी गईं। चश्मदीदों और वीडियो फुटेज के अनुसार, दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए पूरी रात मशक्कत करनी पड़ी। 19 जनवरी की सुबह तक बचाव दल मलबा हटाने और इमारत को ठंडा करने के काम में जुटा रहा।

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हताहतों की संख्या और लापता लोग

पुलिस प्रमुख जावेद आलम ओधो ने पुष्टि की है कि इस हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। लगभग 60 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन इसे पूरा करने के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं दी जा सकती। अस्पताल से 18 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। बचाव दल ने चेतावनी दी है कि मॉल का बचा हुआ ढांचा बेहद अस्थिर है और किसी भी समय गिर सकता है, जिससे खतरा और बढ़ सकता है।

आग लगने का कारण

कराची के गुल प्लाजा मॉल में आग से मचा हडकंप
कराची के गुल प्लाजा मॉल में आग से मचा हडकंप

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग का मुख्य कारण सर्किट ब्रेकर में शॉर्ट सर्किट था। पुलिस प्रमुख ओधो ने बताया कि मॉल की संरचना और वहां मौजूद सामान जैसे कालीन, कंबल और रेजिन से बनी वस्तुओं ने आग को तेजी से फैलाने में मदद की। दमकल विभाग ने कहा कि मॉल के अंदर वेंटिलेशन की कमी थी, जिसके कारण घना काला धुआं भर गया। इस वजह से अंदर फंसे लोगों तक पहुंचना और बचाव कार्य करना बेहद कठिन हो गया।

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जनता का गुस्सा

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों और दुकानदारों में गहरा रोष है। जब कराची के मेयर मुर्तजा वहाब घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्हें जनता के कड़े विरोध और सरकार विरोधी नारों का सामना करना पड़ा। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लोग अग्निशमन विभाग के देर से पहुंचने और धीमी कार्रवाई को लेकर नाराज हैं। कई दुकानदारों ने कहा कि उनकी जीवन भर की कमाई और 20 साल की मेहनत एक ही रात में राख हो गई।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

प्रशासन ने बचाव कार्यों को तेज करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, जनता का आरोप है कि यदि समय पर दमकल विभाग पहुंच जाता तो नुकसान इतना बड़ा नहीं होता। इस घटना ने कराची में सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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