Karu Nagarajan Resigns: दक्षिण भारत की राजनीति और खासकर तमिलनाडु से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को दक्षिण के अपने सबसे मजबूत गढ़ में अब तक का सबसे भीषण और ऐतिहासिक झटका लगा है। तमिलनाडु बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के अचानक पार्टी छोड़ने के बाद, सूबे में भगवा दल के भीतर बगावत का महा-ब्लास्ट हो गया है। अन्नामलाई के जाने के ठीक बाद शुक्रवार (5 जून, 2026) को पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लग गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन में आते हुए तमिलनाडु बीजेपी के उपाध्यक्ष कारू नागराजन और प्रदेश सचिव (State Secretary) सुमति वेंकटेश ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देकर सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
धर्म, अनुशासन और शौर्य का संगम: गुरुद्वारा सिंह शहीदां में जारी गुरमत-गतका प्रशिक्षण शिविर
अन्नामलाई के नए राजनीतिक मूवमेंट में शामिल होंगे कारू नागराजन
बीजेपी की सदस्यता और उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के ठीक बाद कारू नागराजन ने मीडिया के सामने आकर अपने इरादे पूरी तरह साफ कर दिए हैं।
अन्नामलाई के इस तरह पार्टी छोड़ने के पीछे की असली इनसाइड स्टोरी क्या है और बाकी नेताओं ने इस्तीफे के बाद क्या बड़ा बयान दिया है, वो हम आपको आगे बताएंगे… लेकिन उससे पहले यह जान लीजिए कि नागराजन ने क्या एलान किया है? कारू नागराजन ने साफ लफ्जों में कहा कि वे पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई के नए राजनीतिक आंदोलन (Political Movement) में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। अन्नामलाई की तारीफों के पुल बांधते हुए नागराजन ने कहा कि अन्नामलाई एक बेहद बहादुर और दूरदर्शी नेता हैं, जिन्हें कई क्षेत्रों की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि अन्नामलाई तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार हो या कोई भी अन्य ताकत, किसी की भी गलतियों को उजागर करने में कभी भी हिचकिचाते नहीं थे। उनका यही बेबाक अंदाज उन्हें एक सशक्त और सक्षम जननेता बनाता है।
सुमति वेंकटेश ने भारी मन से छोड़ी पार्टी
अन्नामलाई के समर्थन में दूसरा बड़ा धमाका करते हुए तमिलनाडु बीजेपी की फायरब्रांड स्टेट सेक्रेटरी सुमति वेंकटेश ने शुक्रवार की शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर अपने इस्तीफे का आधिकारिक एलान कर दिया।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘मैं आज बेहद भारी मन के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सभी पदों और इसकी प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे रही हूं। बीजेपी के साथ अपने सालों पुराने सांगठनिक संबंधों को समाप्त करना मेरे लिए एक कठिन भावुक क्षण है।’
सुमति वेंकटेश ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी में रहकर जनता की सेवा करना उनके लिए हमेशा बड़े गर्व और सौभाग्य की बात रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और बीजेपी के राष्ट्रवाद, देशभक्ति व राष्ट्रसेवा के मूल सिद्धांतों से हमेशा प्रेरित रही हैं। इन महान मूल्यों ने उनके राजनीतिक जीवन का मार्गदर्शन किया है और भविष्य में भी वे इन्हीं विचारों पर आगे बढ़ती रहेंगी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में वे अब पार्टी का हिस्सा नहीं रह सकतीं।
तमिलनाडु में बीजेपी का किला ढहा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई जैसे कद्दावर और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय चेहरे के जाने के बाद, वाइस प्रेसिडेंट और स्टेट सेक्रेटरी का इस तरह पार्टी छोड़ना तमिलनाडु में बीजेपी की नींव हिलाने जैसा है।
अन्नामलाई ने जिस आक्रामक अंदाज में तमिलनाडु के कोने-कोने में जाकर बीजेपी को खड़ा किया था, उनके अलग होते ही पार्टी ताश के पत्तों की तरह बिखरती नजर आ रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में अन्नामलाई के समर्थन में कई और जिला अध्यक्ष और जमीनी कार्यकर्ता बीजेपी को ‘बाय-बाय’ बोल सकते हैं। इस महा-इस्तीफे ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ विपक्ष के पूरे गणित को पूरी तरह से उलझा कर रख दिया है।
पीड़ित दुकानदार को दिलासा, धमोली और SDM पहुंचे मौके पर, हालात का किया आकलन










