NEET Paper Leak: नीट-यूजी परीक्षा 2026 में हुए पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार अब देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार के उच्च स्तर पर चल रहे मंथन के अनुसार, भविष्य में प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई, वितरण और संरक्षण की कमान भारतीय सेना को सौंपी जा सकती है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य लीक जैसी गंभीर गड़बड़ियों को जड़ से खत्म करना और परीक्षा प्रणाली की खोई हुई विश्वसनीयता को वापस बहाल करना है।
रक्षा मंत्री के घर हाई-लेवल मीटिंग
बताते चले कि, नीट परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस रणनीतिक बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक का मुख्य एजेंडा देश भर के लाखों छात्रों को हो रही मानसिक और व्यावहारिक परेशानियों को दूर करना था। नेताओं और अधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा कमियों को दूर करने, तकनीकी सुरक्षा बढ़ाने और भविष्य में किसी भी संभावित चूक को रोकने के लिए एक अचूक रोडमैप (फुलप्रूफ सिस्टम) तैयार करने पर विस्तार से चर्चा की।
सीबीआई जांच में बड़ा एक्शन
दूसरी ओर, नीट पेपर लीक मामले की गहराई से जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को कोर्ट से बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को लातूर के रेणुकाई करियर सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की सीबीआई हिरासत को एक और दिन के लिए बढ़ा दिया। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने एजेंसी की दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
सीबीआई ने अदालत को अवगत कराया कि इस संवेदनशील रैकेट के अन्य सह-आरोपियों से मोटेगांवकर का आमना-सामना कराने, नए साक्ष्य जुटाने और पूरी साजिश में उनकी सटीक भूमिका तय करने के लिए हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि मोटेगांवकर को 17 मई को लातूर से गिरफ्तार किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो का अदालत में सनसनीखेज खुलासा
सीबीआई ने अपने रिमांड आवेदन में जो खुलासे किए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, शिवराज मोटेगांवकर नीट-स्नातक परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्रों को लीक करने और उन्हें अवैध रूप से प्रसारित करने वाले नेटवर्क का एक मुख्य हिस्सा हैं।
सीबीआई का दावा: “आरोपी ने अन्य सॉल्वर गैंग और माफियाओं के साथ मिलकर गहरी साजिश रची थी। इसी साजिश के तहत परीक्षा के तय समय से काफी पहले, यानी 23 अप्रैल 2026 को ही रसायन विज्ञान (Chemistry) के प्रश्न और उनके सटीक उत्तर हासिल कर लिए गए थे।”
इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो अब तक कुल 11 आरोपियों को दबोच चुकी है, जिनमें मोटेगांवकर दसवीं गिरफ्तारी थे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का बड़ा फैसला
पेपर लीक के पुख्ता आरोपों और चौतरफा बढ़ते दबाव के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कड़ा रुख अपनाया है। एनटीए ने पिछले फैसलों की समीक्षा करते हुए 12 मई को यह निर्णय लिया कि 3 मई को देश भर में आयोजित की गई नीट-यूजी परीक्षा को आधिकारिक तौर पर स्थगित (रद्द) माना जाए।
लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अब राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की पुनः परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित करने का समय तय किया गया है। सरकार और एनटीए के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती जून में होने वाली इस परीक्षा को बिना किसी विवाद के पूरी शुचिता के साथ संपन्न कराने की होगी।










