Cockroach Janta Party Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार (6 जून, 2026) को एक बेहद अनोखा और विचलित कर देने वाला विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी आक्रोश के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले सैकड़ों छात्र और युवा सड़कों पर उतरे। इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह थी कि इसमें शामिल युवा ‘कॉकरोच’ (तिलचट्टे) के मुखौटे पहने हुए थे और उनके हाथों में फूल थे। यह शांतिपूर्ण लेकिन प्रतीकात्मक प्रदर्शन सत्ता के गलियारों तक अपनी आवाज पहुंचाने का एक नया तरीका बन गया है।
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संजय राउत का तीखा हमला
इस प्रदर्शन को लेकर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने उद्धव ठाकरे के विचारों को साझा करते हुए लिखा, “जिन्हें हम देश का भविष्य और भाग्य-विधाता कहते हैं, वे हजारों युवा आज अपने भविष्य की चिंता और घोर तकलीफ लेकर चिलचिलाती धूप में सड़कों पर उतर आए हैं।”
संजय राउत ने आगे कहा, “दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच’ का आंदोलन शुरू हो गया है। सरकार द्वारा इन युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहकर कमतर आंकना और उन्हें न्याय से वंचित रखना कतई उचित नहीं है। नीट पेपर लीक ने लाखों होनहार युवाओं के सपनों को बर्बाद कर दिया है। ये परेशान युवा अब ‘कॉकरोच’ बनकर ही अपनी आवाज उठा रहे हैं। सरकार को इनकी मांगें सुननी ही होंगी। कॉकरोच को कमजोर समझने की भूल न करें, जंतर-मंतर पर हो रहा यह आंदोलन सरकार के लिए एक बड़ी चेतावनी है।”
मुखौटे और फूल
जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके की अगुवाई में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों में स्कूल और कॉलेज के छात्रों के अलावा युवा पेशेवर भी बड़ी संख्या में शामिल थे। कई छात्रों ने अपने माता-पिता के साथ आकर इस आंदोलन में भागीदारी की। प्रदर्शनकारियों ने अपने चेहरे पर कॉकरोच के मुखौटे लगाए हुए थे, जो यह दर्शाता है कि वे खुद को समाज में ‘कीड़े-मकोड़ों’ की तरह उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, जिनकी आवाज प्रशासन तक नहीं पहुंच रही है। फूलों के माध्यम से उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि वे हिंसा में नहीं, बल्कि अहिंसात्मक तरीके से अपना हक मांग रहे हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और बढ़ता दबाव
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि नीट जैसी बड़ी परीक्षा में हुई धांधली ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है और इसके लिए सीधे तौर पर मंत्रालय जिम्मेदार है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार से नीट परीक्षा को तत्काल रद्द करने और मामले की निष्पक्ष जांच (CBI) में तेजी लाने की मांग की है।
अभिजीत दीपके ने दिल्ली पहुंचने पर अपने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की थी, जिसका असर प्रदर्शन में भी दिखा। जंतर-मंतर का यह प्रदर्शन महज भीड़ का जमावड़ा नहीं था, बल्कि यह उन लाखों युवाओं की हताशा का प्रतीक है, जिनका भविष्य पेपर लीक करने वाले माफियाओं की भेंट चढ़ गया है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इन ‘कॉकरोच’ बने युवाओं की गूंजती आवाज को गंभीरता से लेती है या फिर इसे भी केवल एक राजनीतिक विरोध समझकर अनसुना कर दिया जाएगा।










